करनाल। उपायुक्त निशांत कुमार यादव के दिशा-निर्देश अनुसार 75वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के उपलक्ष्य में एक दिन पहले ही इस वर्ष जिला प्रशासन द्वारा शहीदों के परिजनों व युद्ध वीरांगनाओं को उनके घर-घर जाकर सम्मानित करने की नई पहल की गई है। करनाल के उपमंडल अधिकारी आयुष सिन्हा सहित जिले में तैनात अन्य एसडीएम व तहसीलदार, नायब तहसीलदार व बीडीपीओ ने शनिवार को अपने-अपने क्षेत्र के गांवों से संबंधी करीब 26 युद्ध वीरांगनाओं व शहीदों की माताओं को सम्मानित किया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में हर वर्ष मुख्य अतिथि की ओर से युद्ध वीरांगनाओं व शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया जाता था लेकिन इस वर्ष जिला प्रशासन ने एक नई परंपरा शुरू करते हुए शहीदों के परिजनों व युद्ध वीरांगनाओं को उनके घर पर ही एक दिन पहले सम्मानित करने का निर्णय लिया।
शहीदों की कुर्बानी को देश नहीं भुला सकते
संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को एसडीएम डा. पूजा भारती ने गांव गगसीना में शांति देवी, कलहेड़ी में सुमनलता को, कोहंड में सरोज देवी, डींगर माजरा में अरुणा रानी व बसी अकबरपुर गांव में रेशमा देवी के घर जाकर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि देश अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। देश को आजाद करवाने में हमारे अनेकों शूरवीरों ने अपनी जान कुर्बान कर दी थी। इन शहीदों की शहादत को भुलाया नहीं जा सकता। पूरा देश इन शहीदों का ऋणी रहेगा।
शहीद की प्रतिमा के पास बनेगा पार्क
संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। नायब तहसीलदार बलविंद्र सिंह ने उपमंडल के गांव खेड़ी मानसिंह निवासी शहीद राममेहर के घर जाकर उनके परिजनों को सम्मानित किया। शहीद राममेहर ने देश की रक्षा करते हुए कुछ वर्ष पहले शहादत दी थी। नायब तहसीलदार ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आज पूरे प्रदेश में शहीदों के परिजनों को उनके घरों में जाकर सम्मानित किया जा रहा है। शहीद के परिजनों व ग्रामीणों की ओर से शहीद राममेहर की प्रतिमा के पास ग्रिल लगाने व पार्क बनाने की मांग की गई। जिसके बारे में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को जानकारी दे दी गई है। शीघ्र ही इस मांग को पूरा किया जाएगा।