संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। श्री सांवरिया मित्र मंडल की ओर से श्री कृष्ण मंदिर सेक्टर 14 में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धा की बयार बही। प्रवचन करते हुए कुंजबिहारी दास वृंदावन वाले ने कहा कि इंद्र के अहंकार को तोड़ने के लिए भगवान कृष्ण ने सात दिन तक अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत को उठाए रखा। इस दौरान वे भूखे रहे और पानी तक नहीं पिया।
आठ पहर मां यशोदा के हाथ से तरह-तरह के पकवान खाने वाले कृष्ण जब इतने दिन तक जनहित में भूखे रहे तो उनके लौटने पर मां यशोदा ने ब्रजवासियों के साथ मिलकर उनके लिए 56 भोग तैयार किए और प्रेम से उनको भोजन कराया। इस छप्पन भोग में सात दिन और आठ पहर के हिसाब से 56 तरह के पकवान बनाए गए ताकि भगवान कृष्ण का कोई पहर भूखा न रह जाए। उन्होंने कहा कि जीवन में सत्संग व शास्त्रों में बताए आदर्शों का श्रवण करने से व्यक्ति का जीवन बदल जाता है। व्यक्तियों को अपने जीवन में क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा आदि को त्यागकर विवेक के साथ श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए।
भगवान के नाम मात्र से ही व्यक्ति भवसागर से पार उतर जाता है। उन्होंने भगवत कीर्तन करने, ज्ञानी पुरुषों के साथ सत्संग कर ज्ञान प्राप्त करने व अपने जीवन को सार्थक करने का आह्वान किया। इस अवसर पर राजीव गर्ग, अंकित गुप्ता, दीपक गोयल, विजेंद्र गोयल, पवन सैनी, योगेंद्र गुप्ता, अक्षय गुप्ता, राजेश गर्ग, राकेश गोयल, पवन कुमार, राकेश जिंदल, गणेश गर्ग, नवीन शर्मा, तरसेम गुप्ता, जितेंद्र सिंगला, संदीप गुप्ता, पंकज गुप्ता व समीर गुप्ता आदि मौजूद रहे।
24jjrp15- बेरी। कार्यक्रम को संबोधित करते इंद्रेश कुमार। स्त्रोत- आयोजक- फोटो : udhampur