करनाल। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले युवा अब अपने खंड में ही पढ़ाई कर सकेंगे। उन्हें शहर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिला प्रशासन की ओर से विशेष योजना बनाकर इसकी व्यवस्था की जा रही है। युवाओं के लिए करनाल शहर की तर्ज पर सभी खंडों में पुस्तकालय खोले जाएंगे। इन नए पुस्तकालयों में जिला पुस्तकालय के समान ही सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
अधिकारियों के अनुसार, करनाल खंड को छोड़कर अन्य छह खंडों (असंध, मूनक, निसिंग, नीलोखेड़ी, इंद्री और कुंजपुरा) में पुस्तकालय खोले जाने हैं। इनमें से तीन खंडों के बीडीपीओ की ओर से पुस्तकालय खोलने के लिए जगह का भी निर्धारित कर ली है। जबकि अन्य तीन खंडों के लिए बीडीपीओ की ओर से अभी प्रस्ताव आने शेष हैं। इन पुस्तकालयों में ई-लर्निंग की भी सुविधा देने की योजना है। इसके लिए विशेष रूप से कंप्यूटर रखे जाएंगे। साथ ही विभिन्न कोर्स और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी नई पुस्तकें भी शामिल की जाएंगी। वर्तमान में करनाल के जिला पुस्तकालय और ई-लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए दोनों जगह डेढ़ हजार से ज्यादा युवा पूरे दिन में पहुंचते हैं। इनमें से आधे से ज्यादा युवा ग्रामीण क्षेत्र के हैं। भविष्य में इन्हें अपने घर के नजदीक ही सुविधा मिलेगी। जिला पुस्तकालय में 53 हजार किताबें हैं। ब्यूरो
जिला पुस्तकालय का घटेगा लोड
ग्रामीण एवं खंड स्तर पर पुस्तकालय बनने से जिला स्तरीय पुस्तकालयों का भी लोड घटेगा। यहां फिर शहर के युवा ज्यादा आसानी से पढ़ाई कर सकेंगे। वहीं वर्तमान में सिर्फ लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए आने वाले युवाओं को परिवहन के साधनों पर होने वाले खर्च में भी बचत होगी। कई युवा बस पास बनवाकर रोजाना शहर के पुस्तकालयों में पढ़ाई करने पहुंचते हैं।
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इन तीन खंडों में हुआ जगह का चयन
- घरौंडा : वाल्मीकि भवन के प्रथम तल पर
- निसिंग : नगर पालिका के पास के खाली जगह पर
- नीलोखेड़ी : तपन पुनर्वास केंद्र
वर्जन-
खंड स्तर पर पुस्तकालय बनाए जाएंगे। तीन बीडीपीओ की ओर से जगह का निर्धारण कर दिया गया है। इनके बनने के बाद युवाओं को शहर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी, वे खंड स्तरीय पुस्तकालयों में पढ़ते हुए भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। - डॉ. निर्मल अत्री, प्रिंसिपल राजकीय महिला कॉलेज एवं नोडल अधिकारी पुस्तकालय।