करनाल। गांव फूसगढ़ स्थित नंदी ग्राम में 45 गोवंशों को जहर देकर उनकी हत्या के मामले में फरार चल रहे मोस्ट वांटेड विजय को करनाल पुलिस शनिवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी। उससे फरार चल रहे मास्टरमाइंड अमित समेत एक अन्य आरोपी के बारे में पूछताछ की जाएगी। अंबाला पुलिस ने आरोपी को करनाल पुलिस के हवाले कर दिया है। अब आगामी पूछताछ करनाल पुलिस करेगी। इस वारदात में शामिल चार आरोपियों को करनाल पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
थाना सेक्टर-32/33 पुलिस ने आरोपी विजय को शुक्रवार की शाम अंबाला पुलिस से अपनी हिरासत में लिया। पंजाब के पटियाला निवासी आरोपी विजय को अंबाला के डेहा बस्ती से 28 अप्रैल को स्पेशल टास्क फोर्स अंबाला ने उसके घर से पकड़ा। आरोपी विजय पर 17 मार्च को हरियाणा पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। वहीं फरार चल रहे अमित निवासी करनाल और अमर निवासी शाहबाद कुरुक्षेत्र पर भी दस-दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इन दोनों की तलाश अभी जारी है। इस मामले में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंडलायुक्त डॉ. साकेत कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया था। गाेवंशों की मौत के 10 दिन बाद आई एफएसएल रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ था कि गायों की मौत जहर से हुई है।
ये था मामला
गांव फूसगढ़ स्थित नंदीग्राम के प्रधान राजेश बंसल ने 27 जनवरी को थाना सेक्टर-32/33 में शिकायत दी थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि 26 जनवरी को करनाल घास मंडी से हरा चारा खरीदा गया था। जिसे गोवंशों को खिलाया गया था। अगली सुबह गोशाला के शेड में घास खाने वाली 45 गाय मृत पाई गई थीं। इसके बाद थाना सेक्टर-32/33 पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
मामले का इस तरह हुआ खुलासा
जांच में सामने आया कि जहर हरी घास में नहीं था। इस पर पुलिस ने हड्डी खाल का काम करने वालों का नेटवर्क खंगाला और 26 जनवरी की रात गोशाला में मोबाइल टावर पर सक्रिय फोन नंबराें को ट्रैक किया। जिसमें पांच मोबाइल नंबर संदिग्ध मिले। ये नंबर गोशाला में काम करने वाले किसी कर्मी के नहीं थे। इन मोबाइल नंबर के आधार पर 12 फरवरी को कुरुक्षेत्र के शाहबाद की डेहा बस्ती निवासी विशाल, करनाल की मंगल कॉलोनी निवासी रजत, अंबाला कैंट की डेहा बस्ती निवासी सोनू और जम्मू कश्मीर निवासी सूरज को गिरफ्तार किया गया था। इनसे पूछताछ में सामने आया कि शाहबाद निवासी मास्टरमाइंड के साथ मिलकर गुड़ में सल्फास मिलाकर गोवंशों को दिया गया था। गायों को मारकर उनकी खाल बेचकर कमाई करने की योजना थी। विजय समेत मास्टरमाइंड अमर एवं एक अन्य फरार चल रहा था, जिन पर इनाम घाेषित किया गया था।