माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अनुदान को लेकर हुए हंगामे पर सदन को जिला परिषद की अनुदान जारी करने के लिए व्यवस्था बदली गई है। अब विशेष कमेटी की अनुशंसा पर ही अनुदान जारी होगी, इसी के आधार पर ही अधिकारी विकास कार्य संबंधित क्षेत्र में कराएंगे।
अनुदान को लेकर आरोप लगने पर सदन में प्रस्ताव पास करके एक नई कमेटी का भी गठन किया गया। सीईओ विवेक चौधरी ने बताया कि अब इस कमेटी की स्वीकृति के बाद ही अनुदान जारी होगा, इसी के आधार पर संबंधित क्षेत्र में विकास कार्य किए जाएंगे। बैठक में ग्रामीण विकास से जुड़े कुल 11 में से 10 प्रस्ताव को पास किया गया।
बैठक में उपाध्यक्ष रीना रानी ने भी व्यवस्था पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि हमारा सदन सर्वसम्मति से बना था। जब हाउस बना था, तब यह निर्णय लिया गया था कि अनुदान सभी पार्षदों में बराबर बांटी जाएगी, लेकिन डेढ़ साल तक ऐसा नहीं हो पाया। अब हमने एक सुझाव दिया कि चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के अलावा एससी और बीसी समाज से एक पार्षद कमेटी में शामिल हो, ताकि ग्रांटों का सही तरह से आवंटन हो।
कमेटी के पक्ष में 13 सदस्यों ने दी सहमति
अभी तक अनुदान जारी करने की जो प्रशासनिक स्वीकृति देने की व्यवस्था है जो उसे सदन ने एक प्रस्ताव देकर बदला है। पहले केवल अध्यक्ष ही अनुदान जारी करता था। अब इस पावर को कमेटी को दे दिया है। इस कमेटी के गठन को लेकर वोटिंग हुई थी, इसके पक्ष में 13 सदस्यों और चार गैर सदन सदस्यों ने भी सहमति दी है। कमेटी में अध्यक्ष प्रवेश कुमारी, उपाध्यक्ष रीना रानी और वार्ड-10 के सदस्य कृष्ण कुमार शामिल रहेंगे। कमेटी के पास होने के बाद अब जो कार्य हमारे पास आएंगे, उन्हें कराया जाएगा। - विवेक चौधरी, सीईओ