करनाल। कर्ण नगरी को जल्द घुड़सवारी और क्लाइंबिंग वॉल्स की सौगात मिलेगी। राजीव गांधी खेल स्टेडियम पुंडरक को घुड़सवारी और कर्ण स्टेडियम को क्लाइंबिंग वॉल्स के लिए भी तैयार किया जाएगा। खेल विभाग की ओर से इन दोनों खेलों को मंजूरी मिल चुकी है। दोनों खेलों की परियोजना को स्मार्ट सिटी ने भी टेकओवर कर लिया हैं। इसके लिए जल्द बजट पास हो सकता है।
ओलंपिक में नीरज चोपड़ा द्वारा जैवलिन में स्वर्ण जीतने और अन्य गैर परंपरागत खेलों में कई खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर देश और हरियाणा का नाम रोशन करने से प्रदेश सरकार भी गदगद है। इसलिए खेल विभाग ने टोक्यो ओलंपिक में शामिल हो चुके क्लाइंबिंग वॉल्स और घुड़सवारी के लिए भी करनाल में खेल मैदान बनाना तय किया। क्लाइंबिंग वॉल्स 2024 व 2028 के ओलंपिक में भी खेला जाएगा।
विभाग ने इस प्रकार के खेलों का आयोजन कराने वाली संस्थाओं को साथ लेकर नए खेलों को जोड़ने का काम भी शुरू कर दिया है। ब्यूरो
घुड़सवारी
घुड़सवारी का प्राचीन काल से दुनिया भर में अभ्यास किया जाता रहा है। पुरातात्विक रिकॉर्ड बताते हैं कि घुड़दौड़ प्राचीन ग्रीस, प्राचीन रोम, बेबीलोन, सीरिया और मिस्र में हुई थी। घुड़सवारी के कई प्रकार हैं, जिनमें फ्लैट रेसिंग, कूद दौड़, हार्नेस रेसिंग, सैडल ट्रोटिंग, धीरज रेसिंग शामिल हैं।
क्लाइंबिंग वॉल्स
क्लाइंबिंग वॉल्स यानी चढ़ाई की दीवार कृत्रिम रूप से निर्मित दीवार होती है, जिसमें हाथ और पैरों के लिए पकड़ बनी होती है। आमतौर पर यह दीवार इंडोर चढ़ाई और खुले में भी बनती है। कुछ दीवारें ईंट या लकड़ी से बनती हैं तो कुछ दीवारों पर मोटा मल्टीफ्लेक्स बोर्ड लगाया जाता है। आजकल इन दीवारों में स्टील और एल्यूमीनियम का भी उपयोग किया जाने लगा है। दीवार में बेले रस्सियों को भी जोड़ा जाता है।
नीरज चोपड़ा के र्स्वण पदक जीतने के बाद हमने विचार किया कि क्यों न परंपरागत खेलों के साथ ही अन्य खेलों पर ध्यान दिया जाए तभी इन दो खेलों का विचार आया ओर विभाग के खेल प्रशिक्षकों से राय लेकर इसकी रूपरेखा तैयार की थी जिसे खेल विभाग ने स्वीकृति दे दी अब यह प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी के पास पहुंच चुका है। उसी को इसका निर्माण करना है।
अशोक दुआ, जिला खेल अधिकारी
दुनिया के अन्य देशों को देखें तो उनकी पदक संख्या हमसे कहीं आगे रहती हैं, क्योंकि वे नए-नए खेलों में अपने खिलाड़ियों का अभ्यास कराते हैं। हमें भी नए खेलों में हाथ अजमाना होगा तभी ओलंपिक में दूसरे देशों की तरह पदक जीत सकेंगे। यही नहीं अन्य खेलों को भी जल्द जोड़ने की कोशिश करेंगे।
- सतबीर सिंह, फेंसिंग प्रशिक्षक