माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पंजाब -हरियाणा हाईकोर्ट की युगल पीठ ने जिला उपायुक्त को पधाना गांव की लगभग 86 एकड़ जमीन को प्रभावशाली लोगों के कब्जे से मुक्त करवा कर उसकी पंचायती बोली करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए हाईकोर्ट ने प्रशासन को दो माह का समय दिया है। इस मामले में याचिका पधाना निवासी देश राज और अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश दीपक सिब्बल और लपिता वैनर्जी ने की।
याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में नीलोखेड़ी कस्बे के पधाना गांव में 704 कनाल 12 मरले की नीलामी कर ठेके पर देने की मांग डीसी से की थी। आरोप है कि पंचायत सचिव सरपंच और बीडीपीओ ने मिल कर इस जमीन को बिना बोली किए अपने चहेतों को दे दी। इस पंचायती जमीन का गोचरान के लिए उपयोग होता रहा है। याचिकाकर्ता ने बताया कि कोई भी इस जमीन को ठेके पर ले सकता हैं। प्रशासन पिछले दो साल से कोई कार्रवाई नहीं कर रहा था। उन्होंने बताया कि डीसी कार्यालय में सुनवाई नहीं होने के कारण वह हाईकोर्ट से गुहार लगाने के लिए मजबूर हुए। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद डीसी करनाल को उक्त आदेश देकर कार्रवाई करने के लिए दो माह का समय दिया है।