माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में लावारिस कुत्तों की अधिक संख्या को देखते हुए नगर निगम ने प्रस्तावित आश्रय स्थलों की संख्या और क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया है। नगर निगम एक हजार कुत्तों को रखने की क्षमता वाले चार शेल्टर होम बनाएगा। बुधवार को नगर निगम की बैठक में घोघड़ीपुर के नसबंदी केंद्र और सिरसी, दाहा व ऊंचाने के पास अस्थायी शेल्टर बनाने का निर्णय लिया गया।
इससे पहले निगम की ओर से सिर्फ 100-100 कुत्ते रखने के लिए दो जगहों पर शेल्टर बनाने की योजना बनाई गई थी। शहर में लावारिस कुत्तों की तुलना में शेल्टर होम की संख्या कम होने के बारे में अमर उजाला ने अपने 3 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। निगम अधिकारियों ने बुधवार को बैठक में योजनाबद्ध तरीके से चार शेल्टर बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया। अब एक हजार कुत्तों को रखने की क्षमता वाले चार शेल्टर बनाए जाएंगे। नियम वहीं रहेंगे कि इनमें केवल आक्रामक और संक्रमित कुत्तों को ही रखा जाएगा। बाकी सामान्य कुत्तों की नसबंदी करवाने के बाद उन्हें वापस उसी जगह छोड़ दिया जाएगा जहां से उनको उठाया जाएगा। नगर निगम अधिकारियों की बैठक में आयुक्त ने जल्द से जल्द सभी प्रक्रियाएं पूरी करने, भूमि चयन से लेकर निर्माण की रूपरेखा तैयार करने तक की कार्रवाई तेजी से करने के निर्देश दिए हैं।
घोघड़ीपुर वाला केंद्र बनेगा मॉडल शेल्टर
घोघड़ीपुर में वर्तमान में चल रहे कुत्तों की नसबंदी के केंद्र को पहले चरण में शेल्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। अधिक कुत्तों को रखने और उनकी देखभाल के लिए सुविधाएं दी जाएंगी। अन्य तीन शेल्टर सिरसी, दाहा और ऊंचाना के पास बनाए जाएंगे। नए शेल्टर बनने के बाद एक हजार से अधिक कुत्तों को सुरक्षित रख सकेंगे।
फिलहाल शहर के स्थिति को देखते हुए कुत्तों के लिए चार अस्थायी शेल्टर बनाए जाएंगे। आक्रामक और संक्रमित कुत्तों को वहां रखा जाएगा। जहां कुत्तों की नसबंदी हो रही है उस शेल्टर के अलावा तीन अन्य अस्थायी शेल्टर बनाने की तैयारी की जा रही है। निगम स्थायी शेल्टर बनाने की योजना पर काम कर रहा है। - अभय सिंह, डीएमसी, नगर निगम, करनाल