संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। राशन वितरण में धांधली रोकने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से जिले के सभी डिपो पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं वितरण प्रणाली को सुगम बनाने व लोगों को जागरूक करने के लिए डिपो से राशन लेते ही उपभोक्ता के फोन पर मोबाइल संदेश जाएगा कि डिपो होल्डर ने किस खाद्य सामग्री के लिए उसका अंगूठा लगवाया है। वहीं गांव में राशन पहुंचने का संदेश सरपंच के पास भी जाएगा।
वहीं विभाग की ओर से राशन वितरण का समय व तिथि निर्धारित करने के लिए भी विचार चल रहा है। राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ियों और शिकायतों पर लगाम लगाने के लिए विभाग की ओर से यह फैसला लिया गया है। राशन डिपो पर कैमरे लगाने का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को पारदर्शिता से राशन मुहैया कराना है। इससे पता रहेगा कि किस दिन, कितने समय और कितना राशन बंटा है। यह सुविधा लागू होने से जिले के 670 राशन डिपो का राशन वितरण रिकॉर्ड कैमरे में कैद होगा। इसमें रिकॉर्ड किए गए डाटा को छिपाने या डिलीट करने का अधिकार डिपो होल्डर के पास नहीं होगा। कैमरों के माध्यम से जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से नजर रखी जा सकेगी।
डिपो होल्डर कर रहे विरोध
इस फैसले का प्रदेशभर के डिपो धारक विरोध कर रहे हैं। डिपो धारकों को डर है कि उनकी हर माह की धांधली व घपलेबाजी खत्म हो जाएगी। अभी तक राशन डिपो किसी और का होता है और वितरण कोई और करता है। इस तरह के मामले भी आते हैं कि बीपीएल कार्ड धारकों के अलावा अन्य भी पैसे देकर डिपो से राशन लेते हैं।
उपभोक्ताओं का जागरूक होना जरूरी
उपभोक्ताओं को राशन वितरण के अधिकारों के प्रति जागरूक होना जरूरी है। विभाग की वेबसाइट व मोबाइल एप माय राशन के जरिये उपभोक्ता अपने राशन कार्ड पर मिलने वाले राशन की जानकारी ऑनलाइन देख सकता है। विभाग की साइट पर चेक करने के लिए आरसी डिटेल पर क्लिक करें। वहां अपना राशन
प्रदेशभर में राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार की ओर से जनता के हक में यह सराहनीय कदम उठाया गया है। जिले के डिपो धारकों को इस पर अमल करना होगा, जल्द मुख्यालय से कैमरे लगवाने का बजट उपलब्ध हो जाएगा। इसके आते ही विभाग की ओर से निर्धारित कंपनी के माध्यम से जिले के सभी 670 राशन डिपो पर कैमरे लगाए जाएंगे।
- अनिल कुमार, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक