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Karnal News: अब गुरु ग्रंथ साहिब और दसों गुरुओं को गुरु मानने वाले सिख को ही वोट डालने का अधिकार

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- नए सिरे से बनाए जाएंगे एचएसजीपीसी के वोट, अकाल तख्त के आदेश के बाद फार्म में किया संशोधन
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- अब तक नए बन चुके दो लाख से ज्यादा वोट होंगे निरस्त, लोगों को दोबारा जमा कराने होंगे फार्म

माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनावों में अब केवल गुरु ग्रंथ साहिब और दसों गुरुओं को गुरु मानने वाले सिख को ही वोट डालने का अधिकार मिलेगा। इसे लेकर श्री अकाल तख्त ने आदेश जारी किया है। ऐसे में चुनावों के लिए अब नए सिरे से वोट बनाने का काम शुरू होगा। अब तक प्रदेश में जो दो लाख से ज्यादा वोट बनाए गए थे, उन्हें निरस्त किया जा रहा है।

हरियाणा सिख गुरुद्वार प्रबंधक कमेटी के कार्यवाहक प्रधान जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध ने बताया कि वोटर कार्ड बनवाने के लिए अब नए सिरे से फार्म प्रकाशित हो रहे हैं। क्योंकि वोट बनाने के फार्म में संशोधन कर दिया गया है। नए नियमों के अनुसार फार्म पर लिखा होगा कि फार्म भरने वाला केवल गुरुग्रंथ साहिब और दसों गुरुओं को ही गुरु मानेगा। उसकी आस्था किसी डेरे गुरु या किसी महंत में नहीं होगी। इसके अलावा सिखी का पूरी तरह से पालन करेगा। सेवा पंथियों, डेरा पंथियों, निरंकारियों और नामधारी संप्रदाय के लोगों को वोट डालने का अधिकार नहीं होगा।
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कार्यवाहक प्रधान वीरवार को करनाल के डेरा कार सेवा में पहुंचे थे। जहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह कदम श्री अकालतख्त के आदेश के बाद उठाया गया है। नए फार्म सोमवार तक प्रकाशित होकर आ जाएंगे। अभी इसके लिए आखिरी तारीख 30 अक्तूबर रखी गई है। इसे एक माह और बढ़ाने के लिए सरकार से अपील की जाएगी। हरियाणा एवं पंजाब हाईकोर्ट में याचिका दायर होने के बाद व श्री अकाल तख्त के आदेश के बाद यह कदम उठाया गया है। उन्होंने सिख समुदाय के लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक लोग अपने वोट बनवाएं। उन्होंने बताया कि हरियाणा में लगभग 20 लाख वोट हैं। कमेटी तथा चुनाव आयोग के बीच समन्वय है।

नानक शाही कैलेंडर के अनुसार ही मनाए जाएंगे पर्व
प्रधान ने कहा कि श्री अकाल तख्त के नौ हुकुम नामे जारी किए हैं। उन्हें सख्ती से लागू करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अनुसार श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व 15 जनवरी को ही मनाया जाएगा। इसके अलावा गुरुओं के पर्व और अन्य दिहाड़े नानक शाही कैलेंडर के अनुसार ही मनाए जाएंगे। कमेटी द्वारा सिखी के प्रचार प्रसार के लिए काम किए जा रहे हैं। इस अवसर पर डेरा कार सेवा के प्रमुख एवं पंथ प्रचारक बाबा सुक्खा सिंह कमेटी के प्रवक्ता कंवलजीत सिंह अजराना, सदस्य परमिंदर सिंह और गुरुद्वारा डेरा कारसेवा प्रबंधक कमेटी के महासचिव इंद्रपाल सिंह मौजूद रहे।
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गुरुद्वारों में ही होंगे फेरे, बाहर करने पर पाबंदी
अब आनंद कारज में फेरे केवल गरुद्वारों में ही करवाए जाएंगे। श्री गुरुग्रंथ साहिब का प्रकाश होटल या धर्मशालाओं या बरात घरों में नहीं किया जाएगा और न ही भोग डाला जाएगा। विवाह की रस्में केवल गुरुद्वारों में ही की जाएंगी। एचएसजीपीसी ने सरकार से नाढा साहिब गुरुद्वारे के पास लगती जमीन को कमेटी को आवंटित करने की मांग की है। जिससे वहां पर सराए और पार्किंग बनाई जा सके। मंजी साहिब गुरुद्वारे में भी निर्माण किया जा रहा है।
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