माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर की सड़कें अब सुंदर और साफ नजर आएगी। नवनियुक्त निगमायुक्त ने सड़कों की सफाई बीस घंटे तक करने के आदेश दिए हैं। निगमायुक्त आईएएस अजय सिंह तोमर ने मंगलवार को सफाई व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों के साथ पहली बैठक की। जिसमें सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए संसाधनों को बढ़ाने, कुछ नए टेंडर लगाने के निर्देश दिए। शहर में 45 सेकेंडरी प्वाइंट हैं, जिन्हें खत्म किया जाएगा। उन्होंने कूड़ा घरों से निकल कर सीधे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तक पहुंचाने की प्रक्रिया को समझा। वहीं सड़कों की सफाई करने वाली मशीन को आठ से 10 घंटे से बढ़ाकर 16 से 20 घंटे तक चलाए जाने के निर्देश दिए, ताकि हर समय सड़कें सुंदर और स्वच्छ नजर आएंगी।
निगमायुक्त ने बताया कि घर से कूड़ा-कचरा सीधे प्लांट में जाने की नगर निगम ने जो योजना बनाई है, उसकी प्री-बिड मीटिंग कर ली है। इसमें चार एजेंसियां व कुछ एनजीओ आए थे। टेंडर से पहले उन्हें सभी नियम व शर्तों की जानकारी दे दी गई है। अब टेंडर लगाने की तैयारियां चल रही हैं, जो चालू सप्ताह में लग जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर की मुख्य सड़केंऔर चौक-चौराहे चकाचक दिखने चाहिए। बैठक में कूड़े-कचरे की लिफ्टिंग की दिक्कत की जानकारी मिली तो निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि इससे निपटने के लिए फिलहाल 10 ट्रैक्टर-ट्राली कुटेशन लेकर किराए पर ले लिए जाएं, काम नहीं रुकना चाहिए।
निगमायुक्त ने निगम के सफाई कर्मचारियों के हित को देखते उन्हें समय पर साबुन, तेल, गम बूट, रेन कोट और रात्रि सफाई करने वालों को रिफ्लेक्टर जैकेट देने के निर्देश दिए। साथ में यह भी कहा कि इनकी दोनो समय हाजिरी सुनिश्चित होनी चाहिए।
बैठक में उप निगमायुक्त अरुण भार्गव, कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल, स्वच्छता अधिकारी महावीर सोढी, मुख्य सफाई निरीक्षक राजेश कुमार के अतिरिक्त सफाई निरीक्षक तथा सहायक सफाई निरीक्षक मौजूद रहे।
ये है स्वच्छता नेटवर्क
ईओ देवेंद्र नरवाल ने शहर की सफाई के नेटवर्क के बारे में बताया कि शहर से रोजाना करीब 180 टन कूड़ा-कचरा निकलता है। इसे घर-घर से एकत्र करने से लेकर प्लांट तक पहुंचाने में 118 टिप्पर, 4 जेसीबी, 2 ट्रैक्टर-ट्राली, 3 रिफ्यूज कम्पैक्टर, 6 डम्पर प्लेसर व 200 रिक्शा-रेहड़ी काम करते हैं। सफाई कर्मचारियों की कुल संख्या 1062 है। कर्मचारी नालों की सफाई, डस्टबिन क्लीनिंग, डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन, नाइट स्वीपिंग और दो बार समूचे शहर की साफ-सफाई करते हैं।
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चार जोन में बंटी सफाई व्यवस्था
सफाई व्यवस्था की दृष्टि से शहर को 4 जोन में बांटा गया है। जोन-1 में वार्ड 1 से 6, जोन-2 में वार्ड-7 से 15, जोन-3 में वार्ड 16 से 20 तथा जोन-4 में सभी सेक्टर लिए गए हैं।