शहर में धड़ाधड़ हो रही चोरी की वारदातों को रोकने के लिए और पूरे शहर पर निगरानी रखने के लिए नगर निगम ने प्रपोजल तैयार किया है। इस पर करीब पांच करोड़ रुपये का खर्च आएगा। प्रपोजल के तहत प्राथमिक चरण में शहर के 27 प्रमुख चौक व चौराहों पर हाईटेक और नाइट वर्जन के कैमरे लगाए जाने हैं, जो 24 घंटे काम करेंगे। इसके साथ ही शहर के सभी बाजारों को भी इसके तहत कवर किया जाएगा। शहर में लगाए जाने वाले कैमरों (एचडी) की खासियत यह होगी की रात के अंधेरे में भी व्यक्ति का चेहरा और गाड़ी नंबर साफ दिख सकेगा। निगम की ओर से प्रस्ताव तैयार करके शहरी निकाय विभाग के निदेशक के पास अनुमति के भेजा है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस प्रोजेक्ट को अनुमति मिल जाएगी।
बता दें कि इस समय शहर में औसतन रोजाना दो से तीन चोरी की वारदातें हो रही हैं। सभी दुकानों में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण अपराधियों की पहचान करने और उन्हेें पकड़ने में पुलिस को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, शहर में होने वाली अन्य घटनाओं को लेकर भी प्रशासन को अलर्ट रहना पड़ता है। शहर की घटनाओं को कैमरे में कैद करने के लिए व शहर की सुरक्षा की दृष्टि से निगम ने करीब पांच करोड़ रुपये का प्रपोजल तैयार किया है। प्रपोजल के तहत इनकी मेंटेनेंस समेत इनको चलाने आदि को भी शामिल किया गया है। निगम द्वारा प्रपोजल को तैयार करके निदेशक के पास अनुमति के लिए भेजा है।
निगम अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही इसके लिए परमिशन मिल जाएगी। इसके बाद इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि नए साल तक यह प्रोजेक्ट सिरे चढ़ा दिया जाएगा। इस मामले को लेकर खुद सीएम भी अधिकारियों से चर्चा कर चुके हैं।
शुरू में 27 चौकों पर लगेंगे कैमरे
निगम ने जो परपोजल तैयार किया है, उसमें प्राथमिक चरण में शहर के प्रमुख 27 चौकों पर कैमरे लगाने जाने की योजना है। इसके अलावा, शहर के मुख्य एंट्री और आउट गेटों के साथ-साथ सभी बाजारों को शामिल किया गया है। कर्ण गेट, सर्राफा बाजार, माडल टाउन, कुंजपुरा रोड, सदर बाजार समेत अन्य बाजारों में कैमरे लगाए जाने की योजना है। वहीं, शहर के कॉलेजों को बाहर भी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा सार्वजनिक स्थान बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन समेत अन्य संस्थानों के बाहर भी तीसरी नजर लगाने की योजना है।
अत्याधुनिक होंगे कैमरे
निगम द्वारा शहर में लगाए जाने वाले कैमरे हाई डेफिनेशन (एचडी) के होंगे। इनमें नाइट विजन भी होगा, जोे अंधेरे में भी देख सकेंगे। इन कैमरों में व्यक्ति का साफ चेहरा और गाड़ी का नंबर साफ दिखेगा। कैमरे 24 घंटे काम करेंगे और इनकी देखरेख के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी, ताकि बीच में कोई बाधा न आए।
एसपी ऑफिस में होगा कंट्रोल रूम
सीसीटीवी कैमरों के कंट्रोल रूम को लेकर अभी फाइनल नहीं हुआ है, हालांकि यह एसपी ऑफिस में लगना तय है। सभी सीसीटीवी को देखने के लिए पुलिस कंट्रोल रूम में स्क्रीन लगाई जाएंगी। इन पर पुलिस की भी 24 घंटे नजरें रहेंगी। किसी भी तरह की वारदात व घटना को रोकने के लिए पुलिस भी अलग से स्टाफ की व्यवस्था करेगी। उधर, नगर निगम के पार्षद कंट्रोल रूम को लेकर एकमत नहीं हैं। कुछ पार्षद मांग कर रहे हैं कि कंट्रोल रूम निगम के अंदर स्थापित किया जाए। हालांकि, यह पुलिस के सहयोग के बिना संभव नहीं है। कुछ पार्षदों का तर्क है कि आखिरकार मामला तो पुलिस के पास ही जाना है, इसलिए वहीं कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए।
शहर के लिए सीसीटीवी कैमरे बहुत जरूरी हैं। यह मामला कई साल से चल रहा है, लेकिन बार-बार इसमें बाधा आ रही हैं। व्यापारियों की मांग है कि इस प्रोजेक्ट को जल्द सिरे चढ़ाया जाए। बाजारों में रोजाना चोरी व अन्य घटनाएं हो रही हैं। बिना पहचान के लिए पुलिस को भी परेशानी उठानी पड़ती है। सीसीटीवी कैमरे लगने से यकीनन चोरी की घटनाओं में कमी आएगी।
-जेआर कालड़ा, व्यापारी नेता
शहर के लिए सबसे पहली आवश्यकता सीसीटीवी कैमरे हैं। इसको लेकर वे कई बार प्रशासन के सामने भी मांग उठा चुके हैं। हालांकि, यह काफी समय पहले लग जाने चाहिए थे, लेकिन अभी तक यह प्रपोजल अटका हुआ है। इस प्रोजेक्ट जल्द लागू करना चाहिए और सभी बाजारों के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाने चाहिएं, ताकि पूरे बाजार की निगरानी हो सके। हम इस प्रोजेक्ट का स्वागत करते हैं।
- कृष्ण लाल तनेजा, व्यापारी प्रधान।
शहर की सुरक्षा को देखते हुए यह प्रपोजल तैयार किया गया है। करीब पांच करोड़ का एस्टीमेट बनाकर चंडीगढ़ भेज दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही इसे अनुमति मिलेगी और इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। पहले 27 चौकों पर कैमरे लगाने जाने हैं, इसके बाद जरूरत के हिसाब से लगाए जाएंगे। निगम का प्रयास होगा कि शहर के मुख्य स्थानों को इसमें शामिल किया जाए।
- डॉ आदित्य दहिया, आयुक्त, नगर निगम।