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सेना का राजनीतिकरण न करें मोदी : सुरजेवाला

Sun, 09 Oct 2016 12:33 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/करनाल
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रणदीप सिंह सूरजेवाला - फोटो : amar ujala
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 कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सेना का राजनीतिकरण न करे। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि प्रधानमंत्री सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सेना का राजनीतिकरण करने में जुटे हैं। वह खुद को पोस्टरों में भगवान का अवतार बताने में लगे हैं। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर सैनिकों की शहादत के बाद ढोल नगाड़ों के साथ खुद का सम्मान करवा रहे हैं, जबकि शहीदों की विधवाओं के आंसू पोंछने के लिए इन लोगों के पास समय नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की सेना देश के 125 करोड़ लोगों की है और हमें सेना पर नाज है।
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सुरजेवाला शनिवार को होटल ज्वेलस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में आज तक जितने भी युद्ध हुए, उनमें सैनिकों की शहादत को लेकर किसी भी प्रधानमंत्री या नेता ने जीत का श्रेय हमेशा सेना और सैनिकों को दिया। उन्होंने कहा कि जब सैनिक सीमा पर शहीद होता है तो उसका पार्थिव शरीर तिरंगे की सुगंध में लिपटा हुआ आता है। उस समय सारा देश केवल सैनिक का ही सम्मान करता है, लेकिन भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है, जो हर श्रेय खुद लेना चाहती है।

सीएम अपना घर बचाएं, कांग्रेस की फिक्र न करें
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के दिल्ली मारपीट प्रकरण को लेकर दिए बयान पर रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा को कांग्रेस की फिक्र करने की जरूरत नहीं है। पहले अपना घर तो बचा ले। भाजपा नेता जितेंद्र मलिक ने भाजपा को छोड़ है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कई भाजपा नेता खुद ब खुद भाग जाएंगे। 
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मारपीट दुर्भाग्यपूर्ण,  निपटा लेंगे
राहुल गांधी की किसान यात्रा के दौरान हुड्डा और तंवर गुट के बीच हुए झगड़े को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस में हिंसा की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जो भी कुछ हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण और खेदपूर्ण है। कांग्रेस में कार्यकर्ताओं से ऐसे आचरण की अपेक्षा कदापि नहीं की जा सकती। नेताओं और कार्यकर्ताओं को चिंतन और मंथन की जरूरत है। मध्यस्थता के जरिये समझौता करवाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में सुरेजवाला ने केवल इतना ही कहा कि कुछ बातेें परिवार के बीच में ही रहनी चाहिए। अनबन तो हो जाती है, लेकिन दरवाजे कभी बंद नहीं होते। कभी न कभी साफ सुलह हो जाती है। इस मौके पर कांग्रेस नेता नाहर सिंह संधु और किशोर नागपाल भी मौजूद थे।
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