संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। प्रदेश के खिलाड़ियों को केवल पदक जीतने पर ही खेल प्रमाणपत्र नहीं मिल जाएगा, डोप टेस्ट भी पास करना होगा। यह फैसला हरियाणा ओलंपिक संघ (एचओए) की ओर से प्रदेश में खेलों को स्वच्छ और नशामुक्त बनाने की दिशा लिया गया है।
हरियाणा ओलंपिक संघ के अध्यक्ष कैप्टन जसविंदर मीनू बैनीवाल ने बताया कि टेस्ट पास होने के बाद ही जीत का आधिकारिक सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। संघ ने खिलाड़ियों की ओर से सोशल मीडिया या सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों के प्रदर्शन पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। संघ का लक्ष्य है कि प्रदेश के 100 ग्रामीण स्टेडियमों को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाए ताकि ग्रामीण प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकें। ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।