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प्रापर्टी टैक्स को लेकर निगम सख्त, 350 लोगों को नोटिस जारी

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बजट की कमी से जूझ रहे नगर निगम ने शहर के सरकारी व गैर सरकारी भवन स्वामियों से संपत्ति कर की वसूली को लेकर सख्त रुख कर लिया है। अभी तक निगम ने 10 लाख से ऊपर वाले बकायेदारों पर ही कार्रवाई शुरू की थी लेकिन अब तीन से पांच लाख रुपये तक के बकायेदारों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम ने 350 बकायेदारों को नोटिस जारी कर दिया है। तय समय में कर अदायगी नहीं की गई तो संपत्ति सील करने की कार्रवाई शुरू कर की जाएगी।
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सीएम सिटी होने के बावजूद निगम को पिछले साल भी नाममात्र ग्रांट मिली है, जिनसे सिर्फ वेतन ही दिया जा सका है। हालत यह है कि निर्माण कार्य बीच में ठहर गए हैं। ठेकेदारों ने भी धनाभाव में बीच में कार्य छोड़ दिया है। निगम के अपने भी कई कार्य रुके हैं। ऐसे में नगर निगम ने आय बढ़ाने के प्रयासों के साथ शहर के लोगों पर बकाया प्रापर्टी टैक्स की वसूली तेज कर दी है। क्योंकि शहर पर सरकारी भवनों पर 120 करोड़ समेत पूरे शहर पर 280 करोड़ रुपये का संपत्ति कर अभी भी बकाया है। जबकि निगमायुक्त विक्रम द्वारा पिछले चार महीनों में किए गए प्रयासों से 12.50 करोड़ रुपये से अधिक का संपत्ति कर वसूल किया गया है। संपत्ति कर अधीक्षक गगनदीप सिंह ने बताया कि जिला परिषद ने 38 लाख रुपये, चीनी मिल ने करीब 56 लाख रुपये, सिंचाई विभाग ने करीब 50 लाख रुपये का बकाया संपत्ति कर दे दिया है। इसके अलावा गन्ना प्रजनन केंद्र व एनडीआरआई आदि संस्थानों ने स्वयं ही नगर निगम से कहा है कि उनके प्रापर्टी टैक्स को दोबारा से मूल्यांकित कर बिल जारी किया जाए। इसलिए इन संस्थानों के एरिया की दोबारा पैमाइश कराकर बिलों को फिर से तैयार कर जारी किया जाएगा।
इन दिनों कर अदायगी पर ब्याज की छूट
-इन दिनों हरियाणा सरकार ने 31 मार्च तक बकाया टैक्स अदायगी पर शतप्रतिशत ब्याज की छूट भी दी है। मौजूदा टैक्स अदायगी पर भी 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। शहर में बड़ी संख्या में ऐसे भवन हैं, जिन पर ब्याज की बड़ी राशि बकाया है, जो मूल कर के साथ लगातार जुड़ती आ रही है। यदि ऐसे लोग कर अदायगी करते हैं तो उन्हें बिल जमा करना सस्ता पड़ेगा।
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-प्रापर्टी टैक्स की अदायगी पर इन दिनों सरकार शत प्रतिशत ब्याज की छूट दे रही है। जो व्यक्ति निगम कार्यालय नहीं आ सकता वह ऑनलाइन भी टैक्स जमा कर सकता है। यदि बिल में कोई त्रुटि है तो उसे कार्यालय में दुरुस्त करा सकता है। बकायेदारों को सरकारी ब्याजमाफी का लाभ उठाना चाहिए। नोटिस जारी किए गए हैं। शीघ्र ही बकायेदारों की संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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-विक्रम, नगर निगम आयुक्त करनाल
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