- 20 को बुलाई बैठक में अध्यक्ष बने रहने के लिए साबित करना होगा बहुमत
संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग। चिड़ाव खंड समिति में अध्यक्ष पद को लेकर लंबे समय से चल रहा असंतोष बढ़ गया है। समिति के सदस्यों की नाराजगी के चलते अतिरिक्त उपायुक्त यश जालुका ने अध्यक्ष सुखदेव सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस जारी किया है। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 20 दिसंबर को चिड़ाव बीडीपीओ कार्यालय में बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में अध्यक्ष सुखदेव सिंह को अपने पद पर बने रहने के लिए बहुमत साबित करना होगा, अगर वह ऐसा करने में असफल रहते हैं, तो समिति के सदस्य मिलकर नया अध्यक्ष चुनेंगे। इसके अलावा उपाध्यक्ष पद के लिए भी चुनाव संभव है। विदित हो कि समिति के सदस्य लंबे समय से अध्यक्ष सुखदेव सिंह के कामकाज से असंतुष्ट बता रहे थे।
यह असंतोष अब प्रशासन के स्तर पर पहुंच गया है, जिसके परिणामस्वरूप अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई शुरू की गई है। एडीसी की ओर से जारी नोटिस सभी 13 समिति सदस्यों, करनाल सांसद, नीलोखेड़ी, असंध, घरौंडा के विधायकों, उपायुक्त, उपमंडल अधिकारी और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को प्रेषित किया गया। इसके अलावा नोटिस चिड़ाव बीडीपीओ कार्यालय और करनाल तहसील में भी सार्वजनिक रूप से चस्पा किया गया। ब्यूरो
स्थानीय राजनीति गर्माई
इस घटनाक्रम से न केवल खंड समिति बल्कि आसपास के राजनीतिक माहौल में भी हलचल मच गई है। आगामी बैठक में लिए जाने वाले फैसले का प्रभाव क्षेत्र की स्थानीय राजनीति पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। विदित हो कि अध्यक्ष सुखदेव सिंह कांग्रेस समर्थित हैं। हालांकि ज्यादातर सदस्य भाजपा समर्थित बताए जा रहे हैं।
ऐसे में अब यदि अध्यक्ष सुखदेव सिंह बहुमत साबित नहीं कर पाए तो भाजपा खेमे से समिति सदस्य की ताजपोशी हो सकती है। 2022 में हुए पंचायती राज चुनाव के दौरान सुखदेव सिंह अध्यक्ष और सुरेंद्र कुमार उपाध्यक्ष चुने गए थे। तब दोनों भाजपा समर्थित थे। अब विधानसभा चुनाव के दौरान असंध के पूर्व विधायक बख्शीश सिंह के साथ इन दोनों के अलावा समिति के दो अन्य सदस्यों ने भी भाजपा छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामा था। जबकि कुल 13 में से अन्य नौ सदस्य अभी भी भाजपा समर्थित हैं।