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2 दिन में करनाल में जमा हुए 7340 करोड़, आखिरी दिन एक करोड़ आये 

Fri, 30 Dec 2016 11:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/करनाल
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500 का नोट
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देशभर में 8 नवंबर से हुई 500 और 1000 की नोटबंदी के दौरान करनाल में आखिरी दिन 30 दिसंबर तक कुल 7340 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। जिलेभर में स्थित 385 बैंक शाखाओं में इसके बदले लोगों को कुल 900 करोड़ रुपये की नई करेंसी जारी की गई। साथ ही आखिरी दिन शुक्रवार को जिलेभर के बैंक और एटीएम खाली नजर आए। इस दिन केवल एक करोड़ रुपये बैंकों में जमा हुए, जबकि बैंकों ने ग्राहकों को डेढ़ करोड़ रुपये दिये। हालांकि, शुक्रवार को शहर के कई एटीएम खाली मिले।
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गौरतलब है कि 30 दिसंबर पुराने नोट जमा कराने की आखिरी तिथि थी। इसको लेकर बैंकों ने भी तैयारियां कर रखी थी, बैंकों का अनुमान था कि आखिरी दिन काफी संख्या में ग्राहक पैसे जमा कराने आएंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। शुक्रवार को जिलेभर की सभी बैंक शाखाओं में केवल एक करोड़ रुपये की ग्राहकों ने जमा कराए, जबकि इसके बदले ग्राहकों को डेढ़ करोड़ दिये गए। इस बारे में लीड बैंक के मैनेजर राजेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि नोटबंदी के दौरान पूरा कार्य शांतिपूर्ण चला। अब लेनदेन सुचारु होने लगा है। शुक्रवार को बैंकों में कोई खास भीड़ नजर नहीं आई, एटीएम में पैसे की कमी भी एक दो दिन में दूर हो जाएगी। 

सामान्य से भी कम पहुंचे ग्राहक
बैंकों में शुक्रवार को सामान्य दिन की तरह लोग अपने कार्यों में लगे रहे। बैंक में जो ग्राहक आए थे वे चेक लगाने, अकाउंट खोलने, पैसे निकालने जैसे रोजमर्रा का अपना काम निपटा रहे थे। जिस प्रकार से अनुमान लगाया जा रहा था कि नोटबंदी के आखिरी दिन लोगों को शायद बैंक में खड़े होने की जगह नहीं मिलेगी। उस तरह की भीड़ किसी बैंक में नजर नहीं आई। हालांकि, कुछ बैंकों में पांच सौ और हजार के नोट जमा करने ग्राहक पहुंच, लेकिन उनकी तादात इतनी कम थी, कि बैंकों को कोई परेशानी नहीं हुई।
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अभी कैशलेस नहीं हुआ करनाल
नोटबंदी के 52 दिन बीत जाने के बाद भी करनाल कैशलेस नहीं हो पाया है। यहां प्रशासन के पुख्ता प्रबंध नहीं करने के कारण ई दिशा केंद्र भी आनलाइन नहीं हो पाया है। हालांकि, नगर निगम में जरूर तीन मशीनें लगी हैं। इसके अलावा, बाजार की बात करें तो बड़े शोरूम को छोड़कर छोटे दुकानदार ई पेमेंट नहीं ले रहे हैं, वे नकदी में ही विश्वास कर रहे हैं। ई दिशा केंद्र पर लोग रोजाना पैसे जमा कराने आ रहे हैं, लेकिन स्वाइप मशीन नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। आलम यह है कि गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन भी अटका हुआ है, क्योंकि गाड़ियों पर टैक्स देना होता है, जो हजारों और लाखों में बनता है, केंद्र न तो चेक ले रहा है और न ही उनके पास मशीन है, नकदी अभी लोगों के पास आई नहीं है। इस बारे में एसडीएम योगेश कुमार का कहना है कि जल्द ही ई दिशा पर मशीनें आ जाएंगी।  
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