देशभर की ट्रेड यूनियनों की हड़ताल की घोषणा का असर बुधवार को करनाल में मिलाजुला रहा। हरियाणा रोडवेज की चक्का जाम में करनाल की 51 बसें रूकी रही और 135 बसें सड़कों पर चली। चक्का जाम के चलते दिनभर पुलिस फोर्स बस स्टैंड पर डटी रही और रोडवेज अधिकारियों ने अपनी निगरानी में बसों को चलवाया। जिस मार्ग पर सवारी अधिक लगती गई उसी मार्ग पर बसों को भिजवाते रहे।
135 बसों से अतिरिक्त चक्कर लगवाकर रूकी हुई बसों की पूर्ति भी पूरी की। इससे सवारियों को भी खासी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। इसके अलावा, बिजली निगम, स्कूल और अन्य विभागों में भी कामकाज प्रभावित रहा। करनाल डिपो में 186 बसें हैं। इनमें 135 बसें मार्गों पर दौड़ती रही। 51 बसों के रूकने से रोडवेज के राजस्व में कमी आई है। रोजाना 15 लाख रुपये का राजस्व जमा होता है। बुधवार को 51 बसों के रूकने से करीब साढ़े तीन लाख रुपये का राजस्व कम आने का अनुमान अधिकारी बता रहे हैं।
हरियाणा रोडवेज की एक यूनियन ने हड़ताल में हिस्सा लिया। बस स्टैंड के अंदर बैठकर कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और दिनभर धरने पर बैठे रहे। विरोध जता रहे यूनियन नेता ईश्वर सिंह और रोडवेज के कुछ कर्मचारी हड़ताल कर पार्क में धरने पर बैठे हुए हैं।
इनका दावा है कि रोडवेज का चक्का जाम है। इससे सवारियां परेशान हैं। दूसरी तरफ बुधवार को देशभर में ट्रेड यूनियनों की तरफ से हड़ताल करने की घोषणा की गई थी, वहीं हरियाणा रोडवेज के यूनियन नेताओं की सरकार के साथ हुई बातचीत में आपसी दोफाड़ होने के कारण हड़ताल हवा निकल गई। ज्यादातर करनाल डिपो की बसें अपने निर्धारित रूटों पर चल रही हैं।
760 में से 80 कर्मचारी हड़ताल में शामिल
हरियाणा रोडवेज के करनाल डिपो में 760 स्टाफ है। इनमें से 80 कर्मचारी बुधवार को हड़ताल में शामिल रहे। इन कर्मचारियों में कच्चे व पक्के दोनों कर्मचारी हैं। अधिकतर ड्राइवर व कंडक्टर के बैठने के कारण 51 बसों के पहिये रूके रहे। अधिकारियों ने करनाल से असंध, कैथल, पानीपत, चंडीगढ़, दिल्ली, यमुनानगर सहित 30 किलोमीटर से अधिक स्टैंडों तक बसों को चलवाया। दूसरे राज्य में जाने से बसों को रोककर लोकल मार्गों पर अधिक दौड़ाया।
रोडवेज अधिकारी व पुलिस ने रखी निगरानी
करनाल के बस स्टैंड पर रोडवेज जीएम रविंद्र पाठक, वर्कशॉप मैनेजर सुरेश मलिक, डीएसपी राजेश लुहाण सहित पुलिस फोर्स तैनात रही। रोडवेज अधिकारियों ने बस स्टैंड पर घुमकर सवारियों और बसों की स्थिति को देखा। दिनभर बसों को चलवाते रहे। इसके अलावा रोडवेज कर्मचारी नेता रामनिवास शर्मा, रेवती रमन हित अन्य ने कर्मचारियों से बसों को चलाने का आह्वान करते रहे।