फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: यूपीआई है नहीं, खुले पैसे का संकट... महंगी पड़ रही टिकट

Mon, 06 Oct 2025 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

करनाल। हरियाणा रोडवेज की बसों में ई-टिकटिंग प्रणाली तो है लेकिन इसमें यूपीआई का विकल्प नहीं है। मशीन में डेबिट कार्ड से लेकर हैप्पी कार्ड और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड यनी एनसीएमसी कार्ड भी चल रहे हैं लेकिन ज्यादातर लोग डेबिट कार्ड का इस्तेमाल न कर नकद पैसे देकर टिकट ले रहे हैं। ऐसे में कई बार खुले पैसे न होने की वजह से यात्रियों को अतिरिक्त भुगतान वहन करना पड़ता है। यात्रियों ने रोडवेज बसों में यूपीआई से भुगतान का विकल्प देने की भी मांग की है।
सबसे ज्यादा परेशानी रोडवेज बसों के उन रूटों पर आती है जिनमें किराया राउंड फिगर न होकर पांच रुपये के आंकड़े में आता है। जैसे 05, 15, 25, 35, 45, 55, 65, 75, 85, 95 रुपये। अक्सर यात्रियों के पास खुले पांच रुपये नहीं होते, कई बार रोडवेज परिचालक के पास भी खुले पांच रुपये का अभाव रहता है। ऐसे में यात्रियों को पांच रुपये ज्यादा का भुगतान करना पड़ता है।
विज्ञापन

करनाल से पानीपत टोल प्लाजा तक रोजाना रोडवेज की बसों में पांच से सात हजार यात्री सफर करते हैं। करनाल और पानीपत के यात्रियों को 45 रुपये की टिकट 50 रुपये में खरीदनी पड़ जाती है।
करनाल से पानीपत जाने वाले राहुल सैनी ने बताया कि अक्सर उन्हें खुले पैसे न होने की वजह से टिकट 50 रुपये में खरीदनी पड़ती है। कंडक्टर भी सबसे पहले पांच रुपये खुले मांगते हैं। पानीपत से करनाल आवागमन करवाने वाले प्रियांशु ने बताया कि वे भी कई बार ज्यादा पैसे देकर टिकट ले चुके हैं।
विज्ञापन


सभी बसों में ई-टिकटिंग लागू है। इनमें कार्ड के जरिए टिकट खरीदी जा सकती है। तकरीबन सभी कंडक्टरों के पास खुले पैसे भी रहते हैं। ज्यादातर रूटों पर राउंड फिगर यानी दस के आंकड़े की टिकटें बनती हैं। सरकार की ओर से अगर यूपीआई का विकल्प आएगा तो उसे भी लागू किया जाएगा। -कुलदीप सिंह, जीएम, रोडवेज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें