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पर्ची-खर्ची नहीं, हरियाणा में है पेपर बेच सरकार : सुरजेवाला

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- राज्यसभा सांसद ने सीईटी सहित अन्य अटकी भर्तियों पर सरकार को घेरा
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माई सिटी रिपोर्टर

करनाल। राज्य सभा सांसद एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा में पर्ची-खर्ची की नहीं पर पेपर बेच सरकार चल रही है। भर्तियों की तो छोड़ो यहां हालात ऐसे हो गए हैं कि नौवीं, दसवीं और बीए तक के पेपर बिकने लगे हैं। ऐसा इस बार हरियाणा में हुआ है, गणित, साइंस, पीएस, एसएसटी सहित कई विषयों के पेपर बिके।

वे सोमवार को करनाल पहुंचे थे और एक होटल में उन्होंने कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अटकीं भर्तियों, सीईटी और रोजगार से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार और एचएसएससी ने प्रदेश के 20 लाख युवाओं की जिंदगी को खराब किया है। सीईटी के नाम पर साढ़े तीन साल से चल रही भर्ती अभी तक अंधकार में है। 2019 के बाद से ग्राम सचिव, पटवारी सहित कई भर्तियां सीईटी के कारण अटकीं रहीं।
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अब सामाजिक व आर्थिक मापदंडों के नाम पर पांच अंकों की प्रक्रिया को हाईकोर्ट ने खारिज किया है। इससे फिर प्रक्रिया अटकी है और हजारों युवाओं के लिए रोजगार का संकट खड़ा हुआ है। हरियाणा सरकार ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे और किसी की नौकरी पर आंच नहीं आने देंगे, इस सवाल पर सुरजेवाला ने कहा कि या तो अब मनोहर लाल सुप्रीम कोर्ट के जज लग गए हों, हम भी चाहेंगे कि किसी की नौकरी पर आंच न आए। लेकिन यह हाईकोर्ट का फैसला है और वह भी डिविजन बैंच का। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में नौकरियों के नाम पर भाजपा-जजपा ने 100 करोड़ की पब्लिसिटी कर दी।
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राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हम विपक्ष में हैं, हमारा काम सिर्फ आलोचना करना ही नहीं है, सरकार अच्छा करे तो उसकी तारीफ भी करते हैं। पर बच्चों का ध्यान रखना जरूरी है, आखिर में हर कोई अपने परिवार की भी चिंता करता है। कई लोग शादी नहीं करते ये उनकी इच्छा है, हम सभी का सम्मान करते हैं। पर 99 प्रतिशत लोग गृहस्थ हैं। गृहस्थी का एक नियम है बच्चों का भविष्य। इस सरकार ने बच्चों की चिंता नहीं की। बच्चों का भविष्य अंधकार में है।
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