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करनाल-असंध मार्ग के लिए रोडवेज को नहीं मिले यात्री - बस चलाने की योजना रही विफल, आज फिर करेंगे कोशिश

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पुराना बस स्टैंड से करनाल-असंध के लिए रोडवेज बस चलाने की योजना यात्रियों के अभाव में विफल साबित हुई। शनिवार सुबह दस बजे स्टैंड से असंध के लिए बस रवाना होनी थी किंतु कोई भी यात्री नहीं पहुंचा। बाद में जलमाना गांव के लिए महज एक यात्री बस पकड़ने आया, लेकिन बस को निरस्त कर दिया गया। रविवार फिर से विभाग की ओर से इस मार्ग पर बस चलाने का प्रयास किया जाएगा। यदि यात्रियों की संख्या हुई तो ही बस का संचालन होगा।
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हरियाणा राज्य परिवहन मुख्यालय पंचकूला से रोडवेज महानिदेशक के आदेश पर करनाल-असंध रूट के लिए ऑफलाइन बस चलाने का फैसला लिया गया था। इस बस में 30 यात्री सवार होने की अनुमति थी। बस को सैनिटाइज करके तैयारी पूरी की गई। यात्रियों के आगमन को लेकर स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी की गई। बस के अंदर ही यात्रियों को टिकट दिए जाने थे, लेकिन विभाग की तैयारियां धरी की धरी रह गईं। दूसरी ओर करनाल-पंचकूला मार्ग पर चार दिन से बस व्यवस्थित रूप से चल रही है। दोनों तरफ से तीस-तीस यात्री बस में यात्रा कर रहे हैं। इस मार्ग पर एक बस के संचालन में कामयाबी मिली है। रोडवेज विभाग बस अड्डा इंचार्ज राजपाल का कहना है कि कोई यात्री नहीं आने के कारण असंध मार्ग पर खाली बस नहीं भेजी गई। रविवार को अगर यात्री पहुंचे तो बस का संचालन किया जाएगा।
कोरोना ने किया करोड़ों का नुकसान
करनाल रोडवेज डिपो में करीब 163 बसें हैं। 300 चालक और इतनी ही संख्या में कंडक्टर हैं। लॉकडाउन से पहले प्रतिदिन करीब 11 या साढ़े ग्यारह लाख तक का राजस्व एकत्रित होता था। एक अनुमान के अनुसार दो महीने में रोडवेज डिपो को करीब छह करोड़ का नुकसान हुआ है। स्थिति यह रही कि 23 मार्च से तीन दिन पहले ही बसें खाली हो गई थी। 23 मार्च से लॉकडाउन के बाद प्रवासी मजदूरों को उनके राज्यों में भेजने के लिए रोजाना बसें भेजी जा रही हैं।
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