शहर के बाजारों और कॉलोनियों से अतिक्रमण हटाने में नाकाम रहे नगर निगम ने अब पुरस्कार स्कीम शुरू की है। इसके तहत स्वेच्छा से निगम को अतिक्रमण की जानकारी देने और उसे हटाने वाले लोगों को निगम की तरफ से पुरस्कार दिया जाएगा। साथ ही अतिक्रमण से खाली हुई जगह पर निगम खुद के खर्च से टाइल व पौधे लगाएगा। हालांकि निगम ने पुरस्कार के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी।
विदित है कि शहर में अतिक्रमण की समस्या सबसे प्रमुख समस्या है। मुख्य बाजार से लेकर कॉलोनी और सेक्टरों में अतिक्रमण का जाल है। इससे बाजारों और सड़कों पर अक्सर जाम की स्थिति रहती है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हर तरफ फैले अतिक्रमण को लेकर शहर की सामाजिक संस्थाएं और लोग भी आवाज उठा चुके हैं। इसके बावजूद नगर निगम अतिक्रमण को हटवाने में नाकाम साबित रहा। जब निगम अतिक्रमण को हटवा नहीं पाया तो निगम द्वारा एक अनूठी स्कीम शुरू की गई। इसके तहत अतिक्रमणकारियों को लुभाने का काम किया जा रहा है। स्कीम के तहत निगम स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने वाले लोगों को उचित रूप से सम्मानित करेगा। यही नहीं अतिक्रमण मुक्त की गई जगह पर निगम अपने खर्चे से टाइलें और पौधे लगाने का काम भी करेगा।
निगम आयुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने बताया कि शहर में सुभाष कॉलोनी, मॉडल टाउन, लाठर मार्ग, राम नगर में रेलवे बाउंडरी का क्षेत्र, पुरुषोत्तम गार्डन में अस्थायी रूप से तथा दयानंद कॉलोनी में स्थायी रूप से लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इसी के साथ सेक्टरों ने भी लोगों ने घरों के बाहर कब्जा जमाया हुआ है। आयुक्त ने बताया कि निगम द्वारा अतिक्रमणकारियों को जगह खाली करने के नोटिस भी जारी किए गए हैं, लेकिन अतिक्रमण करने वालों ने एक अच्छे नागरिक की हैसियत से शहर व देश हित में अभी तक भी अतिक्रमण नहीं हटाए हैं। जबकि उक्त स्थानों पर लोगों द्वारा किए गए अस्थायी कब्जे गैर-कानूनी हैं। उन्होंने बताया कि अपनी मर्जी से कब्जे खाली करने वालों को आगे नोटिस देने की जरूरत भी नहीं रहेगी और उन्हें निगम द्वारा सार्वजनिक रूप से पुरस्कृत किया जाएगा। इसी के साथ खाली की गई जगह में टाइलें व पौधे लगाने का खर्चा निगम खुद वहन करेगा। आयुक्त ने कहा है कि जो व्यक्ति अपनी मर्जी से अवैध कब्जे हटाना चाहते हैं, तो वह नगर निगम के भवन निरीक्षक से संपर्क कर लें।