24 घंटे बीतने के बाद भी लापता डॉक्टर अभिषेक का कोई सुराग नहीं लगा है और न ही पुलिस यह खुलासा कर पाई है कि डॉक्टर अभिषेक के साथ आखिर हुआ क्या। इससे पहले डॉ. अभिषेक के दोस्त तुषार ने शनिवार देर शाम यह बात कबूली थी कि रात को वे दोनों साथ थे और अभिषेक का नहर में पांव फिसल गया, जबकि दूसरी ओर डा. अभिषेक के परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। मामले में पुलिस आरोपी डा. तुषार को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। अभी तक गोताखोरों को भी डॉ. अभिषेक के बारे में आवर्धन नहर में कोई सुराग नहीं लगा है।
बता दें उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर के गांव बलालखेड़ा निवासी डॉ. अभिषेक शर्मा शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में आरएमओ के पद पर तैनात थे। वह किराये के मकान में अपने दोस्त डॉ. तुषार के साथ सेक्टर-13 में रह रहे थे। डॉ. तुषार भी उसके साथ उसी प्राइवेट अस्पताल में काम करता है। बताया जा रहा है कि डाक्टर अभिषेक अपने गांव गया हुआ था। वह वीरवार को ही घर से वापस ड्यूटी पर लौटा था। शुक्रवार को उसने ड्यूटी दी और शनिवार को उसकी कार शुगर मिल के समीप आवर्धन नहर की पटरी पर मिली। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद मौके पर डॉ. तुषार जो अभिषेक का दोस्त है वह भी आ गया। उसने बताया कि अभिषेक रात को करीब 9.30 बजे यह कहकर रूम से निकला था कि वह दस मिनट में आ रहा है, लेकिन रातभर नहीं आया। सुबह जब उसने अभिषेक को फोन किया तो पुलिस ने फोन उठाया था। वहीं अभिषेक के पिता सतीश शर्मा का कहना है कि अभिषेक की हत्या की गई है। क्योंकि गांव के कुछ लोग कह रहे थे कि कार में तीन से चार व्यक्ति थे। वहीं शनिवार शाम को डॉॅ. तुषार ने यह कबूला कि रात को वह अभिषेक के साथ नहर पर गया था और अभिषेक का पांव फिसल गया और वह बह गया। तभी से पुलिस डॉ. तुषार से पूछताछ कर रही है।
गोताखोरों की मदद से डॉ. अभिषेक की तलाश नहर में की जा रही है। डॉ. तुषार से भी पूछताछ की गई है। अभी मामला साफ नहीं हुआ है। मामले की जांच की जा रही है और आसपास के सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं कि कार में कितने व्यक्ति थे। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
दीपक कुमार, मधुबन थाना प्रभारी।