आरक्षण को लेकर देशभर के विभिन्न संगठनों के जाट प्रतिनिधि 9 अगस्त को
दिल्ली में डेरा डालेंगे। यदि आवश्यकता पड़ी तो इसी दिन देशभर के जाट
दिल्ली का घेराव करके अपने आरक्षण की बात को बुलंद भी कर सकते हैं। आरक्षण
की मांग को मनाने के लिए जाट नेता युवाओं को अपनी ढाल बनाकर आगे बढ़ेंगे।
नौ अगस्त को देशभर के जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल
ओपी संधू की अध्यक्षता में खाप पंचायतों के प्रतिनिधियों के साथ दिल्ली में
बैठक कर आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के
उत्तरी हरियाणा प्रभारी शमशेर सिंह संधू ने बुधवार को जाट धर्मशाला में
आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि जाटों के आरक्षण के विरोध में
डाली गई याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई 20 जुलाई को है।
उन्होंने मांग करते
कहा कि सरकार इस मामले में अपना पक्ष मजबूत रखने के लिए देश के अच्छे से
अच्छे वकील को कोर्ट में पेश करें, ताकि वह मजबूती से अपना पक्ष रख सकें।
इस दौरान उनके साथ जोगिंद्र सिंह लाठर जाट महासभा प्रधान, आरक्षण समिति के
जिला प्रधान पाल सिंह संधू, महासचिव दीपक पन्नू, महिपाल मलिक, नाहरसिंह
संधू, ज्ञान सिंह कादियान, हरी सिंह संधू व विरेंद्र सिंह जून मौजूद थे।
हजारों युवा रहे गए नौकरियों से वंचित
उन्होंने
कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 मार्च को जाट प्रतिनिधियों को
दोबारा आरक्षण दिलाने के लिए आश्वासन दिया था। केंद्र सरकार ने सर्वोच्च
न्यायालय में दोबारा विचार याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई लंबित है।
लेकिन भारत सरकार ने केंद्र में आरक्षण जारी नहीं किया है। इसी कारण इस
वर्ष हजारों जाट युवक शिक्षण संस्थानों में और सरकारी नौकरियों में
नियुक्ति से वंचित रह गए हैं।
हर हाल में लेकर रहेंगे आरक्षण
संधू
ने कहा कि यदि आरक्षण के मामले में शांति से बात नहीं बनी तो व आरक्षण के
लिए कोई भी कुर्बानी व बलिदान देने को तैयार हैं। हर हाल में आरक्षण लेकर
रहेंगे। इस तरह युवाओं के हकों का हनन नहीं होने दिया जाएगा।