नीलोखेड़ी/करनाल। प्रदेश सरकार ने नीलोखेड़ी को उपमंडल का दर्जा दिया और एसडीएम और डीएसपी स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी है। वहीं आमजन को उपमंडल बनने के दो साल बाद तक इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। नीलोखेड़ी की उपमंडल स्तर की सेवाएं आज भी करनाल उपमंडल में ही अटकी हैं।
सरकार ने इन्हें अभी तक नीलोखेड़ी उपमंडल में शिफ्ट नहीं किया है। लोगों को अपने ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य कार्यों के लिए अभी तक करनाल ही आना पड़ रहा है। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार की नीलोखेड़ी को उपमंडल का दर्जा देने की सौगात सिर्फ कागजों में ही आ पाई है। धरातल में अभी भी हालात वैसे ही हैं, जैसे करनाल उपमंडल का हिस्सा होने पर थे। वहीं उपमण्डल स्तर की कोर्ट की स्थापना होना भी अभी शेष है।
विदित हो कि प्रदेश सरकार ने करीब चार दशकों पुरानी मांग को पूरा करते हुए सितंबर 2022 में नीलोखेड़ी को उपमंडल का दर्जा देने की घोषणा कर दी थी। 2023 में इस संदर्भ में अधिसूचना भी जारी हो गई थी। वहीं करीब तीन माह पहले यहां पर एसडीएम और डीएसपी स्तर के अधिकारी की भी तैनात की कर दी गई लेकिन अभी तक इनसे संबंधित सेवाएं शुरू नहीं हो पाई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उपमंडल की घोषणा को अमलीजामा पहनाना सरकार भूल गई। दो साल बीत जाने के बावजूद उपमंडल स्तर का कोई भी कार्य न हो पाने से लोगों में सरकार के खिलाफ रोष बढ़ता जा रहा है। पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग अथारिटी से संबंधित कोई भी कार्य यहां नहीं हो रहे है।
क्षेत्रवासी प्रशासनिक कार्य करवाने के लिए करनाल जा रहे हैं। करनाल जाने पर संबंधित अधिकारी छुट्टी अथवा अन्य सरकारी कार्य में व्यस्त होने के कारण लोगों को कई बार बैरंग लौटना पड़ता है। इससे लोगों का आर्थिक नुकसान के साथ-साथ समय भी नष्ट होता है। लोग सरकार की इस ढुलमुल कार्यवाही को लेकर जमकर कोस रहे हैं। संवाद
विधायक का समर्थन हटने से अनदेखी का आरोप
सितंबर 2022 में उपमंडल बनाने की घोषणा के बाद भाजपा को समर्थन दे रहे आजाद विधायक धर्मपाल गोंदर ने इसका सारा श्रेय तत्कालीन मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को देते हुए जल्दी ही नीलोखेड़ी में उपमंडल स्तर के सभी कार्य शुरु करवाने की गारंटी दी थी। इसी बीच प्रदेश में भाजपा-जजपा गठबंधन टूटने औैर बाद में विधायक ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया। बताया जाता है कि इससे विधायक और भाजपा नेताओं का आपसी तालमेल भी बिगड़ गया है। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं यह घोषणा फिर से ठंडे बस्ते में न चली जाए।
स्टाफ के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। आशा है जल्दी ही उपमंडल स्तर का स्टाफ व अन्य सुविधाएं शुरू हो जाएंगी। इसके बाद क्षेत्रवासियों के उपमंडल स्तर के सभी कार्य यहीं पर होने लगेंगे। - कपिल शर्मा, एसडीएम
मुख्यमंत्री सहित अधिकारियों को मिलकर उपमंडल से संबंधित कार्य शुरू करवाने के लिए प्रार्थना की गई है। हालांकि यहांएसडीएम और डीएसपी बैठने लगे हैं। इसके अतिरिक्त उपमंडल स्तर की कचहरी बनना भी प्रस्तावित है। अगले सप्ताह चंडीगढ़ जाकर सरकार से इस बारे में मांग करूंगा। - धर्मपाल गोंदर, विधायक