- घाटा अधिक दिखने पर खुद कम कर लेता था वेतन
- शिकायत के बाद निलंबित हुआ था निगदू पैक्स प्रबंधक
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। निगदू सहकारी ऋण एवं सेवा समिति लिमिटेड के प्रबंधक जोगिंद्र सिंह ने वर्ष 2016 से 2020 तक अपनी सहूलियत के हिसाब से अपना वेतन घटा और बढ़ा लिया था। यह सब पैक्स प्रबंधक ने करनाल सहकारी समिति के उप-रजिस्ट्रार रोहित गुप्ता व सहायक रजिस्ट्रार अनु कौशिश के साथ मिलीभगत कर किया।
आरटीआई कार्यकर्ता लव कुमार ने बताया कि सहकारी समितियों के उच्चाधिकारियों को स्वयं इतनी शक्ति होती है कि ये अपना वेतन स्वयं घटा-बढ़ा सकते हैं। इसी का फायदा निगदू के पैक्स प्रबंधक जोगिंद्र सिंह ने अपनी उच्चाधिकारियों से सांठगांठ कर उठाया। शिकायतकर्ता के अनुसार मुख्य सचिव हरियाणा सरकार को दी गई शिकायत में बताया कि निगदू पैक्स वर्ष 10 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक 62 लाख 17 हजार 912 रुपये के घाटे में रही। इसी दौरान एक अप्रैल 2016 से लेकर 31 मार्च 2017 तक निगदू पैक्स प्रबंधक का वार्षिक वेतन दो लाख 38 हजार 200 रुपये था। एक अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 तक 76 लाख 16 हजार 131 रुपये के घाटे में रही। एक अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 तक प्रबंधक का वार्षिक वेतन छह लाख 94 हजार 811 रुपये हो गया। एक अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019 तक 48 लाख 77 हजार 918 रुपये के घाटे में रही। वहीं एक अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019 तक प्रबंधक का वार्षिक वेतन चार लाख 20 हजार 044 रुपये हो गया। एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 तक 43 लाख 91 हजार 549131 रुपये के घाटे में रही। वहीं एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 तक प्रबंधक का वार्षिक वेतन पांच लाख नौ हजार 826 रुपये हो गया। एक अप्रैल 2020 से 31 दिसंबर 2020 तक 20 लाख 94 हजार 977 रुपये के घाटे में रही। वहीं एक अप्रैल 2020 से 31 दिसंबर 2020 तक प्रबंधक का वार्षिक वेतन चार लाख 10 हजार 142 रुपये हो गया। यह सब डीआर व एआर की मिलीभगत कर की गई। जिसके बाद आरटीआई कार्यकर्ता लव कुमार ने संबंधित मामले की शिकायत वर्ष 2021 में मुख्य सचिव हरियाणा सरकार से की। जिसके बाद जांच बैठी तो निगदू पैक्स प्रबंधक को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया गया।
पंचकूला रजिस्ट्रार ने निगदू पैक्स प्रबंधक के खिलाफ बिठाई जांच
पंचकूला रजिस्ट्रार ने आठ फरवरी वीरवार को निगदू पैक्स प्रबंधक के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं। अब इसकी जांच करनाल समिति के उप-रजिस्ट्रार करेंगे हालांकि डीआर स्वयं इस मामले में घिरे हुए हैं, लेकिन उसके अन्य सहकारी समिति के डीआर ये जांच करेंगे।