फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: निफा ने समाजसेवा से बनाए 9 वर्ल्ड रिकॉर्ड

विज्ञापन
 निफा के रक्तदान ​शिविर में रक्तदान करते युवा। फाइल
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

करनाल। एड्स व नशा-उन्मूलन के साथ कर्णनगरी से शुरू हुई सामाजिक संस्था नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्टस (निफा) ने समाजसेवा से 9 वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए हैं। संस्था आज देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय है। 7000 से ज्यादा युवा सक्रिय स्वयंसेवक हैं। सितंबर, 2000 में कर्णनगरी के प्रीतपाल सिंह पन्नू ने संस्था की स्थापना की थी।
शुरुआत में संगठन ने प्रारंभ में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स समिति के रूप में कार्य आरंभ किया। समय के साथ इसने अपने कार्यक्षेत्र और प्रभाव का विस्तार किया। प्रभावशाली जागरूकता अभियानों के माध्यम से महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों को संबोधित करते हुए एक सशक्त संगठन के रूप में पहचान बनाई है। संस्था एचआईवी/एड्स, नशा-उन्मूलन, कन्या भ्रूण हत्या और दहेज जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध काम करती है। देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता के संवर्धन, पर्यावरण संरक्षण, महिला एवं बाल सशक्तीकरण, भारतीय लोककला और परंपराओं के पुनरुत्थान पर भी ध्यान केंद्रित है।
विज्ञापन

- ये पुरस्कार हैं संस्था के नाम
भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय की ओर से मान्यता प्राप्त निफा को देश के सर्वश्रेष्ठ युवा संगठन के रूप में राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। लैंगिक समानता, विश्व शांति, परमाणु निरस्त्रीकरण, एड्स जागरूकता और शास्त्रीय नृत्य कला कथक के प्रचार-प्रसार के लिए उल्लेखनीय पहल के लिए छह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी प्राप्त किए हैं। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन में दो बार व वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस में एक बार शामिल निफा को कुल 9 विश्व रिकॉर्ड बाने का श्रेय हासिल है।
विज्ञापन




ये रहे विशेष कार्य
- निफा ने कोविड काल में पूरे देश में राहत कार्य किए और इस कठिन समय में रक्त की कमी को पूरा करने के लिए एक दिन में 1500 रक्त दान शिविर लगाकर और लगभग एक लाख यूनिट रक्त का योगदान देश भर के ब्लड बैंक में किया।
- लोहड़ी बेटी के नाम कार्यक्रम के माध्यम से लिंग समानता का संदेश देते हुए निफा अब तक 6 लाख से अधिक बेटियों की लोहड़ी मना चुकी है।
- करनाल में कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज बनाने की मुहिम का नेतृत्व भी निफा ने किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें