कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज में तैनात कुछ कर्मचारियों की प्राइवेट अस्पतालों के साथ सेटिंग को तोड़ने के लिए कालेज प्रबंधन ने कड़ा एक्शन लिया है। कालेज के नये कार्यकारी निदेशक डा. जगदीश दुरेजा ने इमरजेंसी से कई कर्मचारियों को बदलकर दूसरे स्थानों पर तैनात किया है। इसके साथ ही यहां पर लंबे समय से तैनात नर्स और डाक्टरों को भी बदलने की तैयारी है। इससे कर्मचारियों और डाक्टरों में हड़कंप है।
बता दें कि कालेज के इमरजेंसी वार्ड से कई बार प्राइवेट अस्पतालों में रेफर करने के मामले सामने आ चुके हैं। एक डाक्टर को भी प्राइवेट अस्पताल में मरीज को रेफर करते हुए पकड़ा गया था और ये मामला कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी गूंजा था। बाद में इस मामले में केस दर्ज करने के आदेश दिए गए थे। कई बार प्रबंधन को शिकायत करने के बावजूद संबंधित डाक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन नहीं लिया गया। अब कालेज में नये कार्यकारी निदेशक ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संदिग्ध कर्मचारियों को इमरजेंसी से बदल दिया है, जो काफी समय से यहां पर तैनात थे।
दोबारा से ओपीडी का किया निरीक्षण
मंगलवार को निदेशक ने दोबारा से ओपीडी का निरीक्षण किया। बता दें कि इससे पहले शनिवार को सुबह 9 बजे वे ओपीडी पहुंच गए थे। इस दौरान कई डाक्टर गैर हाजिर मिले थे। उनको नोटिस जारी किए गए थे। मंगलवार दोपहर करीब 1.30 बजे निदेशक अचानक से ओपीडी पहुंचे। निदेशक के पास शिकायत आ रही थी कि कई डाक्टर सुबह ओपीडी में देरी से आते हैं और दोपहर बाद जल्दी निकल जाते हैं।
कुटेल मेडिकल यूनिवर्सिटी का किया मुआयना
निदेशक ने कुटेल में बन रही पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल यूनिवर्सिटी का मुआयना किया और वहां पर चल रहे निर्माण कार्यों को जांचा। बता दें कि यहां पर जल्द ही फिजियोथैरेपी और नर्सिंग कालेज शुरू किए जाने हैं। डा. दुरेजा ने अधिकारियों को नये सेशन से पहले सारा कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यूनिवर्सिटी का कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा।
मेरा प्रयास है कि कल्पना चावला मेडिकल कालेज में मरीजों को समय पर उचित इलाज मिले। इसको लेकर सभी के साथ मंथन करके फैसले लिए जा रहे हैं। कुछ स्टाफ की प्राइवेट अस्पतालों से गठजोड़ की भी शिकायतें मिली थी। प्राथमिक चरण में इमरजेंसी में काफी समय से तैनात चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों और गार्ड को बदला गया है। साथ ही स्टाफ को सख्त हिदायत दी गई है कि वे मरीजों और उनके परिजनों के साथ सलीके के साथ पेश आएं। खास कर सिक्योरिटी गार्ड को भी बताया गया है कि वे मरीजों की मदद के लिए हैं।-प्रो. जगदीश दुरेजा, कार्यकारी निदेशक, केसीजीएमसी।