करनाल। साइबर थाना पुलिस ने बैंक खातों की खरीद-फरोख्त कर साइबर ठगी के नेटवर्क को संचालित करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी गरीब और जरूरतमंद लोगों को चार से पांच हजार रुपये का लालच देकर उनके बैंक खाते खरीदते थे और बाद में टेलीग्राम के माध्यम से साइबर ठगों को ऊंची कीमत पर बेच देते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक खातों की किट और बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।
करनाल साइबर थाना के जांच अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि 25 जुलाई को सूचना मिली थी कि शिवा, अंकित और कार्तिक उर्फ मनजीत अरोड़ा गरीब लोगों को निशाना बनाकर उनके बैंक खाते खरीदने और आगे बेचने का अवैध कारोबार कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम गठित कर दबिश दी गई और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार ऑफलाइन और 19 ऑनलाइन बैंक खातों की किट तथा बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड बरामद किए।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी पहले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और बाद में उन्हीं खातों को खरीद लेते थे। इसके बाद बैंक किट और एटीएम कार्ड टेलीग्राम के माध्यम से साइबर अपराधियों को बेच दिए जाते थे, जो इनका इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन में करते थे। पुलिस के अनुसार अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें दो आरोपी करनाल, दो सोनीपत और एक रोहतक के निवासी हैं।
तीन आरोपियों को करनाल से पकड़ा गया, जबकि गिरोह के कथित सदस्य और टीम लीडर विशाल को रोहतक से गिरफ्तार किया गया। करनाल निवासी साहिल, जो एयरटेल पेमेंट बैंक में एजेंट के रूप में कार्यरत था और लोगों के बैंक खाते खुलवाने में भूमिका निभाता था, उसे भी गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।