संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। इंद्री नगर परिषद के वार्ड-12 में जनस्वास्थ्य विभाग अभियांत्रिकी की ओर से पीने के पानी की नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। लेकिन ठेकेदार और विभागीय लापरवाही के चलते यह कार्य स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। पाइप डालने के बाद गड्ढों को मिट्टी से भर दिया गया था, लेकिन मिट्टी के धंसने से सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जो हादसों को न्योता दे रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि गड्ढों के आसपास न तो बैरिकेडिंग न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इससे वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि पैदल चलने वाले लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे खतरा और बढ़ गया है।
वार्ड-12 निवासी यश्विनी ने कहा कि उनके कार्यालय के सामने गड्ढा खोदकर खुला छोड़ दिया गया है, जिसमें पानी भरा रहता है। चमेली देवी ने कहा कि नलों से गंदा पानी आ रहा है और पीने के लिए पानी भी उपलब्ध नहीं है। पिंकी पहलवान ने कहा कि कुछ दिन पहले उनके पिता पानी से भरे गड्ढे में गिर गए थे। वहीं सावन कुमार और सुरेश कुमार ने विभाग व ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप लगाए।
जेई मुकेश वर्मा ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है और गुढ़ा क्षेत्र में 24 घंटे जलापूर्ति के लिए नई लाइन डाली जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही गड्ढों को ढककर कार्य पूरा कर लिया जाएगा। संवाद