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Karnal News: सावधान... रोजाना 16 लोग बन रहे शिकार, गंवा रहे चार लाख

Tue, 20 Jan 2026 02:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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जगदीप
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करनाल। सोशल मीडिया पर घर बैठे काम, रिश्तेदार बनकर आई व्हाट्सएप कॉल और शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर मिनटों में अमीर बनने का झांसा...। कर्णनगरी के 5,740 लोगों ने वर्ष 2025 में 14.32 करोड़ रुपये गंवा दिए। औसतन हर दिन 16 लोग ठगे गए। चार लाख रुपये गंवाए।
आंकड़ों के मुताबिक ठगी की रफ्तार इतनी तेज रही कि हर तीन घंटे में दो लोगों से करीब 50 हजार रुपये साइबर अपराधियों ने उड़ाए। हर 90 मिनट एक व्यक्ति से औसतन 25 हजार रुपये।
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करनाल साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी की 2025 में 206 प्राथमिकी दर्ज कीं। साइबर थाना टीम बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और उत्तराखंड के अलावा विभिन्न राज्यों से ठगों को पकड़ चुकी है। पुलिस ने 2025 में कुल 147 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। ठगे जाने वाले लोगों में अधिकतर उच्च शिक्षित लोग भी रहे। कई सेवानिवृत्त अधिकारी/कर्मचारी, मेडिकल छात्र और बुजुर्ग साइबर ठगों का शिकार बने। संवाद

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लोगों को लौटाई 1.69 करोड़ रुपये

पुलिस ने वर्षभर में साइबरों ठगों को पकड़कर उनसे भारी मात्रा में रकम की बरामदगी की। लोगों को उनके एक करोड़ 69 लाख 92 हजार 537 रुपये वापस लौटाए। इसमें होल्ड हुई राशि और सीधे तौर पर बरामदगी की राशि शामिल है। पुलिस ने सीधे तौर पर बिना होल्ड के एक करोड़ 22 लाख 92 हजार 537 रुपये की राशि शिकायतकर्ताओं को सौंपी।
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2025 में दर्ज ठगी के मामले

ट्रेडिंग
का झांसा : 100

रिश्तेदार बनकर : 36

गेमिंग से ठगी :
07

डिजिटल अरेस्ट : 02

अन्य :
61

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ध्यान रखें
-ठगी होने पर 1930 डायल करके शिकायत दर्ज करवाएं।

-24 घंटे के भीतर cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।

-अपने बैंक में तुरंत फोन करके ट्रांजेक्शन रोकने के लिए कहें।

-हर बैंक खाता के लिए अलग, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें।

-किसी भी अनजान ईमेल या सोशल मीडिया मैसेज के लिंक पर क्लिक न करें, खासकर जो मुफ्त ऑफर या ज्यादा छूट का वादा करें।

-बैंक, पुलिस या कोई भी संस्था कभी भी फोन या मैसेज पर ओटीपी, सीवीवी, पिन या खाता नंबर नहीं मांगती।
-ऑपरेटिंग सिस्टम, एंटी-वायरस और अन्य एप हमेशा अपडेट रखें।
-सार्वजनिक वाईफाई (जैसे कैफे, एयरपोर्ट पर) का इस्तेमाल करते समय ऑनलाइन लेनदेन से बचें।
-सिर्फ अधिकारिक एप ही डाउनलोड करें। डॉट एपीके फाइल को इंस्टाल करने से बचें।

-अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और ऑफर्स और लुभावने विज्ञापनों से बचें।



साइबर थाना पुलिस लोगों को लगातार जागरूक कर रही है। साइबर थाना पुलिस ने 147 ठगों को गिरफ्तार किया है। समझदारी और जागरूकता से ही साइबर ठगी से बचा जा सकता है। -संजय कुमार, प्रभारी, साइबर थाना, करनाल
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