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रेस्पायेटरी डीजिज से हुई थी पशुओं की मौत

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राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के कैटल यार्ड में कुछ दिन पहले पशुओं की मौत के मामले में तमाम जांचों और तथ्यों के बाद संस्थान निष्कर्ष पर पहुंचा है। संस्थान के निदेशक डॉ. आरआरबी सिंह ने खुलासा किया कि रेस्पायेटरी डिजिज के कारण 78 पशुओं की मौत हुई थी। दो एंटी बायोटिक दवाइयां उपचार के लिए चलाई गईं। इन दवाओं से रिजल्ट सामने आए। बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण पशु बीमार हुए थे। अब सभी पशु स्वस्थ हैं और उन्हें मुख्य यार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया है।
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एनडीआरआई में कुछ समय पहले कैटल यार्ड में मुर्राह नस्ल की भैंसों की संदिग्ध परिस्थितियों में रहस्यमयी बीमारी से मौत होने लगी थी। एक के बाद एक 38 भैंसों व 40 बच्चों की मौत हो गई थी। संस्थान जब बीमारी को नियंत्रित नहीं कर सका था तो इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट बरेली, लाला लाजपत राय वेटरनरी यूनिवर्सिटी हिसार और पशुपालन विभाग हरियाणा के विशेषज्ञों की टीम भी जांच में जुटी थी। बरेली और लुवास की टीमें जो सैंपल ले गई थी उनकी जांच रिपोर्ट में भी बीमारी का खुलासा नहीं हो पाया था। एनडीआरआई के वैज्ञानिकों ने गहन जांच की। उसमें पता चला कि बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण रेस्पायेटरी डिजिज बनी जिससे पशुओं की मौत हुई। निदेशक का कहना है कि पंजाब में भी इस तरह की स्थिति बनी थी। तमाम जांचों के बाद निष्कर्ष पर पहुंचे हैं।
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