हरियाणा के राजकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम को आसान ढंग से समझाने और भविष्य के विकल्पों को लेकर शिक्षा निदेशालय ने एक पहल की है। कक्षा नौवीं और 10वीं के विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की ओर से विशेष तौर पर एग्जांपलर तैयार कराकर दिए जाएंगे। विद्यार्थियों को इनसे जहां पाठ्यक्रम को समझने में आसानी होगी, वहीं 10वीं कक्षा के बाद उन्हें किस संकाय का चुनाव करना चाहिए, गणित और विज्ञान उनके लिए पढ़ना क्यों जरूरी है, इन विषयों की जानकारी देते हुए उनके भविष्य की राह भी आसान बनाने का भी प्रयास किया जाएगा।
बजट का भी प्रावधान रखा गया
प्रदेश के सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की एग्जांपलर पुस्तकें दी जाएंगी। इसे लेकर निदेशालय की ओर से निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। साथ ही बजट का भी प्रावधान रखा गया है। एग्जांपलर से विद्यार्थियों को प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद मिलेगी। क्योंकि 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई के बाद ही विद्यार्थियों के पास अपने कॅरिअर को लेकर कई विकल्प खुलते हैं, जिनमें से किसी एक का उन्हें चुनाव करना होता है।
इसके अलावा 10वीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने में भी मदद मिलेगी। विदित हो कि गत वर्ष निदेशालय की ओर से कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को एग्जांपलर पुस्तकें दी गई थी। इस बार कक्षा नौवीं और 10वीं के विद्यार्थियों को भी देने की योजना है। ब्यूरो
एक सेट में होंगी चार किताब
समग्र शिक्षा के एपीसी सुनील के अनुसार, एनसीईआरटी के एग्जांपलर दोनों विषयों के अलग-अलग तैयार हो रहे हैं। प्रत्येक विषय का एक-एक सेट बनाया जाएगा, जिसमें चार-चार किताबें होंगी। कक्षा के पाठ्यक्रम के अतिरिक्त अन्य जानकारी भी इसमें दी जाएगी। हालांकि इस संदर्भ में अभी निर्देश नहीं मिले हैं कि किस स्कूल में
कितने सेट भेजे जाएंगे।
अधिकारी के अनुसार
राजकीय स्कूलों में कक्षा नौवीं और 10वीं के विद्यार्थियों को एग्जांपलर पुस्तकें दी जाएंगी। निदेशालय की ओर से निर्देश मिले हैं। सितंबर माह के अंत तक पुस्तकें आने की उम्मीद है। विभाग की यह अच्छी पहल है। एनसीईआरटी की ओर से विशेष तौर पर एग्जांपलर पुस्तकें तैयार की जा रही हैं।
- पवन कुमार, एपीसी, समग्री शिक्षा।