म्हारी छोरियों का दबदबा, छोरों का भी बढ़ा रुतबा
- हर बार पिछड़ने वाले बेटों ने भी बेटियों को टॉप-3 की दौड़ में दी मगर पहले स्थान पर बेटियां का रहा कब्जा
- शानदार परिणाम पर स्कूलों में मनाया जश्न, बंटी मिठाईयां
- 89 फीसदी विद्यार्थी 12वीं में हुए पास
- 94 प्रतिशत विद्यार्थियों ने 10वीं में पाई सफलता
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कोरोना महामारी से बिगड़ी परिणाम जारी करने की व्यवस्था चार साल बाद पटरी पर लौट आई। चार साल बाद पहली बार सीबीएसई ने मई के दूसरे सप्ताह में ही परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया। पिछली बार की तरह इस बार भी कक्षा 10वीं और 12वीं का परिणाम एक साथ जारी हुआ।
इस बार के परीक्षा परिणाम में हर बार पिछड़ने वाले बेटों ने भी बेटियों को टॉप-3 की दौड़ में टक्कर दी। लेकिन पहले स्थान पर बेटियां ने कब्जा जमाया, जबकि अन्य दोनों स्थानों पर बेटों ने भी बराबर की दावेदारी रखी। परीक्षा परिणाम में अव्वल रहने के बाद विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया।
इस बार जिले का 12वीं कक्षा का परिणाम 89 प्रतिशत और 10वीं का 94 प्रतिशत रहा है। जिले के 148 सीबीएसई स्कूलों का परिणाम शानदार रहा। अचानक दोनों कक्षाओं का परिणाम एक साथ जारी कर बोर्ड ने विद्यार्थियों की धड़कनों को बढ़ा दिया। परिणाम की सूचना आते ही सुबह से सभी विद्यार्थी इंटरनेट पर टकटकी लगाए बैठ गए। सुबह पहले 12वीं का परिणाम जारी हुआ, वहीं दोपहर को 10वीं कक्षा का परिणाम भी जारी कर दिया गया। हालांकि बीच में सर्वर डाउन होने के कारण काफी देर वेबसाइट भी बंद रही। कक्षा 10वीं में 9391 और 12वीं में 8277 विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की। स्कूलों में जश्न का माहौल रहा। स्कूलों का पास प्रतिशत बेहतर रहने से शिक्षकों ने खुशी जाहिर की। परिणाम जारी होने के बाद बच्चे अपने अंक जानने में जुट गए। कोई मोबाइल में साइट खोलकर रिजल्ट देखता मिला तो कोई लैपटॉप पर।
यह रही स्थिति
- कक्षा 10वीं
कुल विद्यार्थी : 9990
पास हुए : 9391
कंपार्टमेंट : 402
फेल : 197
- कक्षा 12वीं
कुल विद्यार्थी : 9300
पास हुए : 8277
कंपार्टमेंट : 767
फेल : 256
स्टाफ रिजल्ट तलाशने में जुटा रहा
पूरे दिन बच्चों और स्कूलों में खुद को आगे रखने की दौड़ चलती रही। स्कूलों व कोचिंग सेंटरों में भी दिनभर प्रबंधन कमेटी व स्टाफ रिजल्ट तलाशने में जुटे रहे। यह जानने में उत्सुकता रही कि उनके बच्चों ने कितने अंक पाए और जिले में किस स्थान पर है। इसके लिए उन्होंने दूसरे स्कूलों से भी रिजल्ट जानने की कोशिश की। एक के बाद एक बच्चे का बेहतर रिजल्ट मिलने पर दिन भर बच्चों, अभिभावकों और अध्यापकों में बधाई का दौर रहा।
सोशल मीडिया पर भी मनाई खुशी
परिणाम जानने के बाद हर किसी ने सोशल मीडिया पर रिजल्ट की जानकारी अपलोड की। किसी अभिभावक ने अपने बच्चों तो किसी स्कूल और कोचिंग सेंटर ने अपने विद्यार्थियों के टॉप करने की जानकारी अपलोड की। देर शाम तक खुशी मनाते हुए फोटो अपलोड किए साथ ही बधाई भी दी। परिणाम घोषित होने के बाद हर कोई बच्चों का रिजल्ट जानने के लिए उत्सुक दिखाई दिया। घरों में महिलाओं और कार्यालयों में बैठे पुरुषों ने भी एक-दूसरे से संपर्क साधकर परिणाम जानने की कोशिश की।
परीक्षा परिणाम बेहतर जारी हुआ है। कोरोना के कारण दो साल बाद बिना टर्म सिस्टम के परीक्षाएं हुई। जिन विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट रही है, वे दोबारा परीक्षा दे सकते हैं, इसके लिए बोर्ड की ओर से डेटशीट जारी की जाएगी। बोर्ड की ओर से इस बार मेरिट लिस्ट जारी नहीं की गई।
- डॉ. राजन लांबा, कोर्डिनेटर, सीबीएसई