माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/असंध। सालवन-असंध मार्ग पर गांव दुपेड़ी के पास झाड़ियों में सुरक्षा गार्ड अंकित शर्मा (26) का शव मिले हुए एक सप्ताह हो चुका है। शव हत्या करके फेंका था या हादसा हुआ था, इसका खुलासा अभी तक पुलिस नहीं कर पाई है। जांच में पुलिस की कई टीमें लगी हैं लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। हालांकि पुलिस दावा कर रही है कि जल्द आरोपियों तक पहुंच जाएंगे। सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं।
18 अगस्त की सुबह 6:35 बजे गांव दुपेड़ी के पास झाड़ियों में पानीपत की निजी कंपनी में कार्यरत सुरक्षा गार्ड अंकित शर्मा का शव मिला था। वह रविवार की रात को ड्यूटी खत्म करके कार्यालय से निकला था लेकिन घर नहीं पहुंचा। रात को सालवन के पेट्रोल पंप पर बाइक में पेट्रोल डलवाने के बाद अंकित ने मामा विजय से बात करके एक हजार रुपये भुगतान के लिए मंगवाए थे। इसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया था। रात भर परिजन ढूंढते रहे। सुबह मोबाइल फोन ऑन हुआ। कॉल किया तो किसी ने उनका शव झाड़ियों में पड़े होने की सूचना दी थी। परिजन की मांग पर दो डॉक्टरों के बोर्ड की निगरानी में 11 घंटे बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ। कार्रवाई होने तक परिजन ने शव न उठाने का एलान किया था।
अधिकारियों के समझाने पर 19 अगस्त को करीब 20 घंटे बाद पोस्टमार्टम गृह से शव उठाया गया। उस समय परिजन ने एक सप्ताह में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया था। मामले में डीएसपी गौरखपाल राणा का कहना है कि पुलिस जांच कर रही है, अभी तक की पूछताछ और फुटेज में कोई सुराग नहीं मिला है। ब्यूरो
कई लोगों से हो चुकी पूछताछ
पुलिस की ओर से मृतक अंकित शर्मा के मोबाइल फोन को कब्जे में लेने के बाद से लोकेशन के आधार पर भी जांच की जा रही है। कॉल डिटेल के आधार पर उनके सहकर्मियों, दोस्त, गांव के लोगों और रिश्तेदारों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है। इनसे पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है।
परिजन बोले, हादसा नहीं हत्या है
मृतक के ताऊ के बेटे देवेंद्र शर्मा और मामा विजय व ऋषिपाल का कहना है कि यह हादसा नहीं हत्या है। परिवार की किसी के साथ रंजिश नहीं थी। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच करे। हो सकता है कि किसी ने लूट के इरादे से उस पर वार किया हो। परिवार का कहना है कि जिस जगह से युवक का शव मिला है, वहां उसकी बाइक नहीं थी। ऐसे में यह लग रहा है कि शव फेंका गया है।