असंध में फेसबुक से दोस्ती और दोस्ती को प्यार और बाद में उस प्यार को सात जन्मों के बंधन में बांधने के इरादे से एक अमेरिकन मेम असंध के गांव पोपड़ा में आई और तीन महीनों तक यहां की संस्कृति और एक-दूसरे को जानने के बाद अंतत: वीरवार को परिणय सूत्र में बंध गई।
गांव पोपड़ा के युवक मुकेश टूर्ण की अमेरिका में रहने वाली एडरीना परेल से फेसबुक के जरिए दोस्ती हो गई और धीरे-धीरे वह दोस्ती इतनी प्रगाढ़ हो गई कि दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवन गुजारने का फैसला ले लिया। कई मुश्किलों का सामना करते हुए और उम्र व संस्कृति में काफी फासला होने के बावजूद दोनों ने आज एक-दूसरे को हिंदू रीति रिवाजों के साथ अपना बना लिया।
पत्रकारिता के छात्र मुकेश ने वीरवार को गुलाबी लहंगे में सजी एडरीना परेल के गले में वरमाला डाली और वार्ड संख्या चार में स्थित शिवालय मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ फेरे लेकर एडरीना की मांग में सिंदूर भरा। एडरीना ने कहा कि वह भारत में आकर बेहद खुश है और फेसबुक से परवान चढ़े प्यार के बाद हमसफर बनने का फैसला लिया।
एडरिना ने अमेरिका की सुखद जिंदगी का परित्याग कर क्षेत्र के छोटे से गांव पोपड़ा में बसने का निर्णय लिया और भारतीय संस्कृति को समझने के लिए हिंदी के कुछ शब्दों को भी सीखा। वह मुकेश से शादी करके बेहद खुश है। उधर, मुकेश का कहना है कि एडरीना को पाकर वह बेहद खुश है।
एक-दूसरे को महज फेसबुक पर जानने के आधार पर वे शादी नहीं कर सकते थे, लिहाजा तीन महीने एडरीना उनके घर रही और उसके परिवार व उनकी जीवन शैली को अच्छी तरह से जानने के बाद दोनों शादी के बंधन में बंधन में बंधने को राजी हुए।
मुकेश की मां बिमला देवी, ताऊ मंगतराम व सरपंच दर्शना ने कहा कि एडरीना का व्यवहार और स्वभाव बहुत कोमल है और सीखने की ललक और दूसरों का आदर करने की उसकी आदत सबसे अच्छी है। वे ऐसी बहु पाकर बेहद खुश हैं।