दिल्ली में संत रविदास का मंदिर गिराए जाने के विरोध में मंगलवार को समुदाय विशेष के सैकड़ों लोगों ने जीटी रोड पर उतरकर जाम लगा दिया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने सेक्टर-12 के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर दिल्ली-चंडीगढ़ और चंडीगढ़-दिल्ली मार्ग का यातायात अवरुद्ध कर दिया। करीब दो घंटे तक जाम लगने से यातायात को आइटीआई चौक से डाइवर्ट कर सेक्टर-नौ व ग्रीन बेल्ट बाईपास से गुजारा गया। इसके चलते आईटीआई चौक, कुंजपुरा रोड और चंडीगढ़-दिल्ली सर्विस रोड पर वाहनों की भीड़ लग गई। दोपहर 12:35 बजे प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचे और फ्लाईओवर की सभी सिक्स लेन और दोनों तरफ की सर्विस लेन पर जाम लगाकर नारेबाजी की। उन्होंने नेशनल हाईवे पर ईंट, पत्थर, पेड़ों की टहनियां इत्यादि अवरोधक भी डाले। प्रदर्शनकारी हाथों में लाठी-डंडे लहरा रहे थे। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल हाईवे पर तैनात था। एडीसी अनीश यादव, एसडीएम नरेंद्र मलिक, तहसीलदार राजबख्श, डीएसपी बजिंद्र सिंह, डीएसपी राजीव कुमार और डीएसपी वीरेंद्र सैनी ने प्रदर्शनकारियों कोे समझाकर जाम खुलवाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने।
उपायुक्त विनय प्रताप सिंह और एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने आश्वासन दिया कि उनकी मांग को केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाएगा। तब जाकर 2:20 बजे प्रदर्शनकारी नेशनल हाईवे से हटे। राष्ट्रीय राजमार्ग जाम होने से प्रदर्शन स्थल के दोनों ओर करीब दो दर्जन वाहन फंसे रहे। यात्रियों से भरी दो बस भी जाम में काफी देर तक फंसी रही। मशक्कत के बाद चालकों ने बसों को मोड़ा और सेक्टर नौ के रास्ते गंतव्य की तरफ रवाना हुए। जीटी रोड के आईटीआई चौक पर दो एंबुलेंस भी फंसी। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में उसी स्थान पर मंदिर बनाने के लिए जगह देने की मांग की। यह भी चेतावनी दी कि यदि वहां मंदिर नहीं बना तो वह फिर सड़कों पर उतर आएंगे।