सामूहिक दुष्कर्म मामले में महिला को न्याय दिलवाने के लिए जिला करनाल ब्राह्मण सभा की ओर से बुधवार को ब्राह्मण धर्मशाला में बैठक आयोजित की गयी। सर्वसम्मति से फैसला लिया कि 48 घंटे में यदि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो शुक्रवार को शहर में प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी और करनाल एसपी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गयी।
जिला करनाल ब्राह्मण सभा के प्रधान सुरेंद्र शर्मा बड़ौता की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे मीटिंग हुई। सभा के प्रतिनिधियों, सदस्यों व ब्राह्मण समाज के गणमान्य लोगों ने कहा कि पुलिस प्रशासन की नाकामी के कारण पीड़ित महिला मानसिक तौर पर भी तनाव में आ गई है। रसूखदार लोगों को पुलिस ने बचाने की साजिश रची है। करीब डेढ़ घंटे तक लोगों ने बारी-बारी से विचार रखे।
विदित हो कि प्रताप पब्लिक स्कूल की तरफ से महिला पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करवाया गया था। वहीं महिला ने स्कूल के डायरेक्टर अजय भाटिया और तहसीलदार राजबख्श पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। दोनों मामलों की जांच के दौरान ही तीसरा मामला हनी ट्रैप का दर्ज करते हुए पुलिस ने महिला को गिरफ्तार किया था। जमानत के बाद महिला ने दो ऑडियो जारी करते हुए विधायक धर्मपाल गोंदर के बेटे शिव गोंदर पर साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया था। आडियो में शिव गोंदर यह कहते हुए सुने गये कि पुलिस के पास 25-30 लाख रुपये पहुंच गये हैं, वहीं आरोपी तहसीलदार के ऊपर तक संबंध हैं। मामला हाईप्रोफाइल होने और सामूहिक दुष्कर्म में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से नाराज सामाजिक संगठन और शहरवासी महिला के पक्ष में लामबंद होने लगे हैं। दबाव को देखते हुए करनाल एसपी ने जांच से पल्ला झाड़ लिया और आईजी को पत्र लिखकर दूसरे जिले की पुलिस से जांच कराने की सिफारिश की। इसके बाद आईजी के निर्देश पर कैथल एसपी को जांच सौंपी गयी है।
न्याय दिलवाने तक जारी रहेगा संघर्ष
जिला प्रधान सुरेंद्र शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिला को न्याय दिलवाकर ही दम लेंगे। आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे जाना ही होगा। मीटिंग में प्रदर्शन की सफलता को लेकर जिला प्रधान सुरेंद्र शर्मा बड़ौता ने सभी ब्लाक अध्यक्षों, कार्यकारिणी सदस्यों व कालेजियम सदस्यों को ड्यूटियां सौंपी। बैठक में सैकड़ों लोग मौजूद रहे।