माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सीखते हुए कमाओ की अवधारणा को अपनाते हुए आईसीएआर-नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टिट्यूट यानी एनडीआरआई ने डेयरी टेक्नोलॉजी के चौथे वर्ष के विद्यार्थियों के लिए एक अनुभवात्मक शिक्षा कार्यक्रम संचालित किया। यह डेयरी टेक्नोलॉजी डिवीजन की ओर से समन्वित है। इसका उद्देश्य शिक्षण को व्यावहारिक औद्योगिक अनुभव से जोड़ना है। इसके अंतर्गत आईसीएआर के कुलपति डॉ. धीर सिंह ने एनडीआरआई मिल्क पार्लर में स्टूडेंट्स कॉर्नर स्टॉल का उद्घाटन किया। यहां विद्यार्थी स्वयं से विकसित उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री कर रहे हैं।
डॉ. धीर ने डिग्री टू कंपनी और कैपेसिटी बिल्डिंग टू कॉन्फिडेंस बिल्डिंग जैसे दृष्टिकोणों पर विद्यार्थियों को अपने कक्षा-ज्ञान, नवाचारपूर्ण विचारों और तकनीकी कौशल को बाजार उन्मुख उत्पादों और भविष्य की उद्यमिता में रूपांतरित करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस कार्यक्रम के जरिये विद्यार्थी कच्चे माल के प्रबंधन, फॉर्मूलेशन, प्रोसेसिंग, क्वालिटी एश्योरेंस, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और प्रत्यक्ष बिक्री तक पूरी वैल्यू चेन में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इससे उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में काम करने का अनुभव और व्यावसायिक समझ प्राप्त हो रही है। ब्यूरो