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बेटी का गला दबाकर मां ने लगाया फंदा

Mon, 23 Sep 2013 11:59 PM IST
अमर उजाला, करनाल
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करनाल के गांव लंडोरा में रोज-रोज की दहेज प्रताड़ना से तंग आकार एक महिला ने पहले अपनी तीन साल की बेटी का गला घोंटा और बाद में फंदा लगाकर खुदकुशी कर दी। यह घटना रविवार देर शाम की है।
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इस हृदय विदारक घटना का पता तब चला, जब रात को मृतका रीटा का पति घर पहुंचा और उसने रीटा को फांसी के फंदे पर झूलते हुए देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। उधर, इस मामले में मृतका के परिजनों ने पति समेत तीन पर दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने तीनों पर मामला दर्ज कर लिया है।

वहीं, मां-बेटी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। इस घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। हर किसी की जुबान पर यही मामला है कि आखिर यह हादसा कैसे हुआ।
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पुलिस का कहना है कि वह सारे पहलुओं पर विचार कर रही है। प्राथमिक जांच में लगता है कि महिला ने पहले अपनी बेटी का गला घोंटा और बाद में खुद को फांसी लगाई। बाकी सारी कहानी का पता दोनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।

बुढ़नपुर निवासी बाबूराम ने बताया कि उसने 17 फरवरी 2009 को अपनी बेटी रीटा की शादी लंडोरा के जयभगवान से की थी। शादी के करीब आठ महीने बाद से ही रीटा की सास कलावती और मौसेरी सास मिक्की रीता ने कम दहेज लाने के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था।

इस कारण उनके घर पर अक्सर कलह रहती थी। परिजनों का आरोप है कि कलावती और मिक्की रीता को बात-बात पर ताने मारती थीं। रविवार सुबह रीटा ने अपने भाई रविंद्र को फोन पर बताया कि उसकी सास कलावती व मौसेरी सास मिक्की उसे प्रताड़ित कर रही है। रविंद्र ने रीटा को भरोसा दिया कि वह शाम को अपने पिता बाबूराम के साथ उसकी ससुराल आकर बात करेंगे।

बाबूराम हरियाणा राज्य परिवहन करनाल में चालक होने के कारण रविवार को वह बस लेकर हरिद्वार गए हुए थे। शाम को देहरादून में पहुंचे तभी जयभगवान के चाचा ने फोन पर रीटा की मौत की सूचना दी थी।

बाबूराम ने बताया कि करीब साढ़े तीन महीने पूर्व उसके दामाद जयभगवान ने एक महीने के लिए साढ़े तीन लाख रुपये उधार लिए थे। इसमें से दो लाख रुपये अपने मित्र और डेढ़ लाख रुपये स्वयं बाबूराम ने दिए थे। करीब तीन महीने बाद बाबू राम ने अपने मित्र के दो लाख रुपये वापस मांगे, तो जयभगवान 50 हजार रुपये ही दिए। बाकी के रुपये 25 सिंतबर को देने थे।

आरोप है कि रुपये वापस नहीं लौटाने के लिए उनकी नियत खराब होने के कारण उन्होंने रीटा की हत्या कर रास्ते से ही हटा दिया।

बेटी की हत्या कर खुद फांसी लगाई
मामले की शुरुआती जांच में लगता है कि महिला रीटा ने दहेज प्रताड़ना से तंग आकर पहले अपनी बेटी की हत्या की और बाद में फांसी लगाई। बच्ची के मुंह पर बने निशान और आंखें खुली देखकर लगता है कि उसकी गला दबाकर हत्या की गई है। पूरी कहानी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सामने आएगी। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। फिलहाल, रीटा के पति जयभगवान, मौसेरी सास मिक्की और सास कलावती के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
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गोरखपाल राणा, थाना प्रभारी सदर करनाल।
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