संवाद न्यूज एजेंसी
मूनक। सरकार की ओर से गांव मोर माजरा को पानीपत जिले में शामिल करने के प्रस्ताव के खिलाफ ग्रामीणों ने एकजुट होकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। मंगलवार को गांव में आयोजित ग्राम सभा में सैकड़ों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर कहा कि गांव को करनाल जिले में ही रखा जाए।
ग्राम सभा की अध्यक्षता करते हुए सरपंच राजेंद्र ने कहा कि मोर माजरा का प्रशासनिक, सामाजिक और आर्थिक जुड़ाव पूरी तरह करनाल जिले से है। गांव से तहसील, पुलिस चौकी, सरकारी अस्पताल और प्रमुख गांव बल्ला महज दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं जबकि खंड कार्यालय भी करीब पांच किलोमीटर के भीतर है। ऐसे में पानीपत जिले में शामिल होने से ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होगी।
ग्राम सभा में मौजूद लोगों ने एक स्वर में सरकार से मांग की कि गांव को करनाल जिले और मूनक खंड में ही रखा जाए। सभा के बाद सरपंच ने पंचायत सचिव के माध्यम से ग्रामीणों की मांग का ज्ञापन संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया। इस दौरान नरेश, रमेश, जगमाल, मनदीप शर्मा, अमित, कुलबीर, मीना, कविता, गुड्डी, कमला, विमला, विद्या आदि मौजूद थे।
ग्रामीण बोले: बढ़ जाएंगी मुश्किलें
ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से वे करनाल प्रशासन के साथ जुड़े हुए हैं और सभी सरकारी सुविधाएं यहीं से मिलती रही हैं। अचानक जिला बदलने से न केवल व्यवस्थाएं प्रभावित होंगी बल्कि लोगों को नए सिरे से प्रक्रियाओं में उलझना पड़ेगा। विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा।