स्मार्ट सिटी में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। करीब दो हजार बंदरों की फौज से लोगों की दुकानदारी बंद हो गई है। बंदर रोजाना पांच से छह लोगों को घायल कर रहे हैं। हालात यह हैं कि करीब चार लोगों ने राम नगर क्षेत्र से मकान बदल लिया है। एक परिवार अपने मकान पर ताला लगाकर दूसरी जगह शिफ्ट हो गया है। बंदरों के उत्पात से एक तरफ जहां महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ नगर निगम एक माह से टेंडर की प्रक्रिया में उलझा हुआ है। बंदरों से निजात कब मिलेगी, अभी तक इसका किसी अधिकारी के पास जवाब नहीं है। पिछले महीने हुई हाउस की मीटिंग में पार्षदों ने बंदरों को पकड़ने का प्रस्ताव पास किया था। इनके उत्पात से दुकानदारों को सर्वाधिक नुकसान हो रहा है। सामान उठाकर ले जाना और बर्बाद करने से दुकानदारों को भारी नुकसान हो रहा है। इसी कारण ग्राहकों ने भी क्षेत्र की दुकानों पर जाना छोड़ दिया है।
राम नगर के जलघर क्षेत्र में बंदरों का आतंक है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि दो हजार बंदराें को पकड़ने के लिए नगर निगम के पास केवल तीन पिंजरे हैं। जहां से बंदरों के उत्पात की खबर आती है पिंजरे में चारा रखकर वहां रख दिया जाता है। बंदर उस पिंजरे में आज तक नहीं फंसे हैं। लोगों का कहना है कि उस दिन का इंतजार है जब बंदरों को पकड़ा जाने लगेगा। राम नगर क्षेत्र से मकान छोड़ने वालों में अशोक कुमार ने घंटाघर चौक के पास मकान ले लिया है। इसके अलावा राम सिंह और अजमेर सिंह सेक्टर-4 जबकि ईश्वर दयाल सेक्टर-13 में परिवार समेत रहने लगे हैं। इसके अलावा रामनगर के बेअंत सिंह का कहना है कि उनके सामने दो घरों में रहने वाले परिवार दूसरी जगह चले गए हैं। बंदरों के कारण उन्होंने अपने मकानों को ताला लगा दिया है। इसके साथ ही दोनों मकानों को बिकाऊ कर दिया है।
घर से सामान उठा ले जाते हैं बंदर
बंदरों ने खूब आतंक मचाया हुआ है। जहां से भी रास्ता मिलता है वहीं सेे घर के अंदर घुस जाते हैं और घर में रखे सामान को उठा ले जाते हैं। कॉलोनी के सभी लोग परेशान हैं। कई बार शिकायत कर चुके हैं। - बलदेव राज, निवासी सेक्टर-14
छत के ऊपर जाने लगता है डर
कुछ दिनों पहले पत्नी कपड़े सूखाने के लिए छत के ऊपर गई तो वहां पर पहले से मौजूद बंदर ने उसको काट लिया था। आज जब वे कमरे से बाहर निकला तो बंदर ने उसके हाथ में काट लिया। सीएम विंडो पर शिकायत दी है। - अशोक, निवासी रामनगर
घर के आंगन में आकर काटा लिया
महिलाओं और बच्चों को देखते ही बंदर काटने को दौड़ते हैं। घर के आंगन में बैठी थी। इसी दौरान एक बंदर आया और उसकी बाजू को काट लिया। पार्षद को दुखड़ा सुना चुके हैं। - आशा रानी, निवासी सेक्टर -14
ग्राहकों का आना हुआ कम
बंदर पहले की उपेक्षा ज्यादा खूंखार हो गए हैं। पहले महिलाओं और बच्चों को काटने दौड़ते थे, पर अब डंडे वाले लोगों से भी नहीं डरते। उसकी दुकान पर ग्राहकों का आना भी कम हो गया है। - सन्नी दुकानदार, दयालपुरा गेट।
बंदर के काटने से होती है ये बीमारी
- बंदर के काटने से टीबी, रैबीज, हर्पिज, सिविलटेसिस, साल्मुनासिस, जियार्डिस जैसी बीमारी हो सकती हैं। इसमें टीबी, रेबीज और हर्पिज बीमारी ज्यादा खतरनाक है। साल्मुनासिस में पेट की बीमारी हो जाती है। जियार्डिस में गैस, उल्टी, दस्त, नोसिया और पेट दर्द होने लग जाता है।
- इसमें बच्चों को ज्यादा डर रहता है।
- सामान उठाकर ले जाते हैं या तोड़फोड़ कर देते हैं।
- दरवाजा खुला रहने पर घर में घुस जाते हैं तथा नुकसान करते हैं।
साबुन व पानी से करें साफ
यदि बंदर काट जाता है तो तुरंत साबुन व पानी से साफ करना चाहिए और नजदीकी डॉक्टर के पास जाकर एंटी रैबिज टीका लगवाना चाहिए। काटने वाले दिन, तीसरे दिन, 14वें दिन, 21वें दिन और 30वें दिन टीका लगवाएं। - डॉ. कमल चराया, एमडी।
विभाग ने टेंडर लगा दिए हैं, जिन्हें जल्द ही खोज दिया जाएगा। इसके साथ ही बंदरों को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू करवा दी जाएगी। इससे शहर के लोगों को काफी राहत मिलेगी। -राजीव मेहता, कमिश्नर नगर निगम।