असंध के साथ लगते गांव चकमुदरिका और गांव मंचूरी के लोगों ने सर्वसम्मति से ही अपने गांव की सरकार की चुन ली है। गांव चकमुदरिका के ग्रामीणों ने मनप्रीत कौर को सर्वसम्मति से सरपंच चुन लिया है। वहीं गांव मंचूरी के पारालाल के अलावा किसी ने सरपंच पद के लिए नामांकन ही नहीं भरा है। इससे गांव की चौधर का सेहरा उसके सिर पर बंधना तय है।
गौरतलब है कि गांव चकमुदरिका से सरपंच पद की दावेदार मनप्रीत कौर को पूरे गांव की पंचायत ने सर्वसम्मति से अपने गांव की सरपंच चुन लिया है। ग्रामीणों ने इसके लिए मनप्रीत के घर जाकर बधाई भंीं दी है। मनप्रीत कौर का कहना है कि पंचायती चुनाव में कई प्रत्याशियों के चुनावी मैदान में होने से पैसे की बरबादी होती है। इसके बाद चुनाव में यदि किसी एक पक्ष की जीत होती भी है तो पूरा कार्यकाल उन लोगों की आपसी रंजिशों में निकल जाता है।
इससे गांव में विकास कार्य नहीं हो पाते। लेकिन सर्वसम्मति से चुने जाने के बाद सरपंच की भी यह जिम्मेवारी बनती है कि वह सरकार से मिले बजटेेे का विकास कार्यों पर प्रयोग करे तथा गांव के समग्र विकास पर बल दे। गांव मंचूरी से सरपंच पद के प्रत्याशी पारालाल ने बताया कि पूरे गांव की सहमति के बाद ही उसने सरपंच पद के लिए नामांकन भरा है। इसलिए किसी भी अन्य प्रत्याशी ने इस पद के लिए नामांकन नहीं भरा है। गांव की जनता से जिस विश्वास के साथ उन्हें यह जिम्मेवारी सौंपी है। वे हर कीमत पर उसे निभाने का प्रयास करेंगे।
सरपंच पद के 70 और पंच पद के 11 नामांकन वापस
रिटर्निंग अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त गिरीश अरोड़ा ने बताया कि गांव चकमुरिदका की पूरी पंचायत व मंचूरी के सरपंच को निर्विरोध चुना गया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों से 376 पंच सर्वसम्मति से चुने गए है। सरपंच पद के लिए 70 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए, जिनमें 41 पुरुष व 29 महिलाएं शामिल है। इसी प्रकार पंच पद के लिए 11 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए, जिनमें 7 पुरुष व 4 महिलाएं शामिल है।