करनाल। बीरू वाल्मीकि हत्याकांड और हर्ष-बीरबल एनकाउंटर के बाद सुर्खियों में आए विधायक जगमोहन आनंद को जान से मारने की धमकी मिलने पर प्रशासन सतर्क हो गया है। पुलिस ने उनकी और उनके सेक्टर-13 आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी है, घर के बाहर पुलिसकर्मी तैनात हैं।
विधायक से मिलने वालों के नाम और नंबर की पहले रजिस्टर में एंट्री हो रही है। आने वालों की जानकारी पहले विधायक तक पहुंचाई जा रही है। अनुमति के बाद ही मुलाकात करवाई जा रही है। यहां तक की गली में आने जाने वाले अनजान लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
शुक्रवार को डीसी करनाल भी विधायक से मिलने पहुंचे और मामले की जानकारी ली। वहीं पुलिस धमकी भरे पत्र की गहन पड़ताल में भी जुट गई है। थाना सिविल लाइन प्रभारी विक्रांत का कहना है कि जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। गश्त के लिए अतिरिक्त पुलिस की गाड़ियां लगाई गई हैं।
27 अगस्त को डाक के माध्यम से विधायक के घर एवं कैंप कार्यालय पर पत्र आया था, रात को विधानसभा सत्र से लौटने के बाद रुटीन डाक चेक करने पर विधायक ने ये पत्र देखा। जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एरिया कमांडर बलबीर सिंह के नाम से जान से मारने की धमकी थी। इस पर विधायक ने रात को ही सीएम नायब सैनी को पत्र लिखकर जानकारी दी। साथ में अपनी ओर से लिखे पत्र को डीजीपी, एडीजीपी और एसपी करनाल को भी भेजा गया। ऐसे में देर रात ही सिविल लाइन थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली थी।
एक महीने से पहले मारूंगा... गारंटी कार्ड साइन करके दे रहा
हिंदी में हस्त लिखित धमकी भरा पत्र बलबीर सिंह की ओर से लिखा गया है कि वह विधायक और उनके बेटे को एक महीने से पहले मार देगा, उन पर एके47 से 20 गोलियां मारेगा। पत्र में विधायक को मारने के लिए एक खाली पेज पर गारंटी कार्ड लिखकर बलबीर सिंह नाम के अंग्रेजी में हस्ताक्षर भी किए गए हैं। पत्र डाक के जरिए भेजा गया है।
भाजपा जिलाध्यक्ष बोले- सख्त कार्रवाई की जाए
भाजपा जिला अध्यक्ष प्रवीण लाठर ने कहा कि ये अशोभनीय और निंदनीय है। इसे लेकर पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। प्रशासन जांच करे कि ऐसा धमकी भरा पत्र जनप्रतिनिधि के आवास पर कैसे पहुंचा। इसके पीछे की मंशा क्या है।
यह जांच की जा रही है कि पत्र कहां से आया है और किसने डाक के जरिए विधायक आवास तक भेजा है। पत्र के लिफाफे पर केवल टिकट लगी थी और विधायक का नाम और आवास का पता था। - विक्रांत, प्रभारी, सिविल लाइन थाना
कई लोगों को विदेशी नंबरों से मिल चुकी धमकियां
करनाल। बीरू हत्याकांड और हर्ष व बीरबल एनकाउंटर के बाद विधायक से पहले सोशल मीडिया के जरिए विदेशी नंबरों से राजिंद्र मान, पिग फार्म संचालक नसीब उर्फ सेठी, अधिवक्ता सोनिया तंवर और सोशल मीडिया संचालित करने वाले आकर्षण उप्पल को अलग-अलग माध्यमों से धमकियां मिल चुकी हैं। राजिंद्र मान को विदेशी नंबर से कॉल और वाट्सएप पर धमकी भरी रिकॉर्डिंग भेजने, नसीब को इंस्टाग्राम पर कथित त्रिशूल गैंग के नाम से धमकाने और आकर्षण उप्पल को विदेशी नंबरों से धमकी मिली है। सोनिया तंवर को भी दो तीन बार धमकी मिल चुकी है। पुलिस साइबर और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इन मामलों की जांच कर रही है। ब्यूरो