करनाल। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से श्री शिव चित्रगुप्त मंदिर में आयोजित संकीर्तन में प्रवचन करते हुए साध्वी अनुपमा भारती ने कहा कि एकाग्रता का अर्थ केवल किसी कार्य में ध्यान लगाना नहीं, बल्कि अपने जीवन में एक को अग्र रखना है। साध्वी ने कहा कि मनुष्य जीवन की सबसे बड़ी शक्ति उसका मन है। किंतु यही मन यदि भटक जाए तो व्यक्ति का मार्ग धुंधला पड़ जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जैसे सूरज की बिखरी किरणें ताप नहीं देतीं, किंतु जब वही किरणें एक लेंस के माध्यम से एक बिंदु पर केंद्रित होती हैं, तो उनमें आग जलाने की क्षमता उत्पन्न हो जाती है। वैसे ही जब मनुष्य की चेतना एक दिशा में एक लक्ष्य में एक ईश्वर में केंद्रित हो जाती है, तब वह असंभव को भी संभव बना सकता है।
छात्राओं की समस्याओं का किया समाधान
करनाल। कुमारी विद्यावती आनंद डीएवी महिला महाविद्यालय में रविवार को अभिभावक शिक्षिका मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान समारोह में छात्राओं व अभिभावकों की समस्याओं का समाधान किया गया। प्राचार्या मीनू शर्मा ने बताया कि हर वर्ष अभिभावक शिक्षिका मिलन समारोह आयोजित किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य रहता है कि अभिभावकों व छात्राओं की समस्याएं सुनी जाएं और उनका तुरंत समाधान किया जा सके। इस अवसर पर अभिभावकों को अपनी बेटियों को समझने व उनको आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। मीनू शर्मा ने बताया कि छात्राओं के बहुमुखी विकास और प्रतिभा विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ कई अनेक गतिविधियां भी आयोजित की जाती है। इस मौके पर डाॅ. मंजू सिंह, डाॅ. सुनीत भंडारी, डाॅ सुषमा ठाकुर और डाॅ. संगीता गौरांग आदि मौजूद रहे।