फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: धान पूरा करने में जुटे हैं मिलर दोबारा विभागीय जांच की तैयारी

विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

करनाल। धान घोटाले का दायरा बढ़ता जा रहा है, तीन में से दो खरीद एजेंसियों के राइस मिलों में फर्जी गेटपास के सहारे धान खरीद में हेराफेरी सामने आ चुकी है। हैफेड ने जरूर रिपोर्ट मिलने के 24 घंटे के अंदर ही जिला प्रबंधक को निलंबित कर दिया लेकिन इससे पहले खाद्य आपूर्ति विभाग और मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों की संलिप्तता मिली थी लेकिन ये दोनों विभाग फिलहाल खामोश हैं।
पुलिस भी एफआईआर दर्ज होने के बाद एक कदम आगे नहीं बढ़ी है। दूसरी ओर अब तक जिन राइस मिलों में धान कम मिला था, अब उन राइस मिलों में धान को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि विभाग दोबारा इनका सत्यापन करे तो सब कुछ ठीकठाक मिले और आरोपी अधिकारियों, कर्मचारियों को दोषमुक्त करार दिया जा सके। भौतिक सत्यापन के बाद एफआईआर की कार्रवाई के बाद सभी राइस मिलर्स धान को पूरा करने में जुट गए हैं।
विज्ञापन

जिले में बुधवार को 7850 क्विटंल ही धान की खरीद की जा सकी है, क्योंकि अब पीआर धान की आवक लगभग खत्म हो चुकी है, जिससे अब तक की कुल धान खरीद 1 करोड़ 1 लाख 97 हजार 270 क्विंटल पहुंच गई है। जिसका 97 फीसदी तक उठान भी कर लिया गया है। धान खरीद तो लगभग समाप्त होने जा रही है लेकिन इस खरीद में घोटाले की परतें लगातार खुलती जा रही है। धान के भौतिक सत्यापन में चार राइस मिलों में करोड़ों का धान पहले ही कम माया गया था, ये चारो राइस मिल खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से आवंटन वाले थे, लेकिन अब हैफेड की ओर से आवंटित दो और राइस मिलों में 9.25 करोड़ रुपये का धान कम पाया गया है। इससे पहले करनाल अनाज मंडी में तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था, क्योंकि उन पर फर्जी गेटपास काटने के आरोप लगे थे। इसके बाद मंडी सचिव आशा गोंदर की संलिप्तता भी सामने आई और उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करा दी गई। इससे पहले तरावड़ी मंडी के सचिव संजीव सचदेवा के खिलाफ भी एफआईआर हो चुकी है लेकिन अभी तक मार्केटिंग बोर्ड ने अपने स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की है।
विज्ञापन

विभागीय सूत्र बताते हैं कि आरोपी अधिकारियों और कर्मचारियों को बचाने के लिए दोबारा विभागीय जांच की तैयारी की जा रही है। इससे पहले भौतिक सत्यापन में जिन राइस मिलों में करोड़ों का धान कम मिला है, उन राइस मिलों में धान को पूरा किया जा रहा है, ये धान बाहर से भी लाया जा रहा है। इसके अलावा अन्य राइस मिलर भी भौतिक सत्यापन से पहले अपने मिलों में खरीद रिकॉर्ड के अनुसार धान को पूरा करने में जुट गए हैं। ये धान उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से रात के अंधेरे में यमुना में पुल के ऊपर की बजाय निचले रास्तों से लाया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें