श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने सिख समुदाय को एकता और अपनी पहचान बनाए रखने का संदेश दिया। वह एक निजी कार्यक्रम में शहर आए थे। इस दौरान आयोजित गुरमत समागम में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हर सिख परिवार अपने बच्चों के नाम के साथ सिंह और कौर अवश्य लगाए तथा उन्हें मातृभाषा पंजाबी का ज्ञान दे। उन्होंने वर्तमान समय में सिख समाज के समक्ष आ रही चुनौतियों पर चिंता जताते हुए कहा कि आपसी मतभेदों के कारण गुरुद्वारों के प्रबंधन में बाहरी दखल बढ़ा है, जिसे एकजुट होकर समाप्त करना होगा।
जत्थेदार ने गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षाओं से जुड़े रहने और देहधारी गुरुओं से दूरी बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सिख कौम ने कठिन समय में भी अपनी पहचान कायम रखी है और आगे भी एकता से ही मजबूती मिलेगी।
समागम में प्रसिद्ध रागी जत्थों द्वारा गुरबाणी कीर्तन और कथावाचन किया गया। बच्चों और युवाओं के लिए दस्तार व दुमाला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झिण्डा, बाबा जसवंत सिंह निर्मल कुटिया जरीफा फ़ार्म, हरप्रीत सिंह दर्दी, हरजिंदर सिंह वालिया, सिख मिशन हरियाणा के इंचार्ज सुखविंदर सिंह, हरियाणा कमेटी के कार्यकारिणी सदस्य पलविंदर सिंह दरड़, जत्थेदार दविंदर सिंह काला आदि मौजूद रहे।