केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल को ज्ञापन सौंपते प्रांत सचिव प्रमोद कुमार व अन्य। स्रोत : इकाई
पानीपत। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (एबीजीपी) की इकाई ने रविवार को रेस्ट हाउस में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर को मनमाने अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर रोक लगाने के लिए ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में प्रांत सचिव प्रमोद कुमार ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि वर्तमान में उत्पादों पर एमआरपी मुद्रित करने की कोई कानूनी ऊपरी सीमा तय नहीं है, जिसका अनुचित लाभ उठाते हुए निर्माता और व्यापारी मर्जी से दाम छापकर उपभोक्ताओं का बड़े पैमाने पर आर्थिक शोषण कर रहे हैं। स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में यह मुनाफाखोरी सबसे अधिक है। कंपनियां पहले ही अधिक एमआरपी छापती हैं और फिर भारी छूट का भ्रामक दिखावा कर ग्राहकों को ठगती हैं। एबीजीपी ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की है कि एमआरपी की ऊपरी सीमा निर्धारित करने के लिए तुरंत सख्त कानून बनाया जाए, उत्पादों पर उत्पादन लागत और फर्स्ट सेल प्राइस (जिस पर जीएसटी दिया गया हो) का मुद्रण अनिवार्य किया जाए और इस पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र प्राधिकरण का गठन किया जाए। इसके लिए राष्ट्रव्यापी आवाज उठाने के लिए आगामी 25 मई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशाल जन-आंदोलन किया जाएगा। जिसमें अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के कार्यकर्ता देश भर से और पानीपत से भी संगठन के अनेक कार्यकर्ता शामिल होंगे। कार्यकारी सदस्य सीएस अमित कुमार, सीए जगदीश धमीजा, सतीश कुमार और राकेश बंसल उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल को ज्ञापन सौंपते प्रांत सचिव प्रमोद कुमार व अन्य। स्रोत : इकाई