करनाल। मेरठ रोड सिक्स लेन निर्माण की सुस्त रफ्तार राहगीरों के लिए जी का जंजाल साबित हो रही है। 16 फरवरी तक इस सड़क निर्माण के कार्य को पूरा करने की अवधि निर्धारित की गई थी लेकिन एक माह से ज्यादा समय बीतने पर भी करीब 30 प्रतिशत कार्य अधूरा है। ऐसे में अब कार्य पूरा करने की समय सीमा 30 अप्रैल तक बढ़ा दी है मगर जिस रफ्तार से निर्माण कार्य चल रहा है, उससे लगता है अभी लोगों को इसके लिए महीनों इंतजार करना पड़ सकता है। संवाद
105 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मेरठ रोड सिक्स लेन का निर्माण कार्य अगस्त 2020 में शुरू किया गया था। इसके तहत लगभग 14 किलोमीटर लंबी लेन में तीन किमी. लंबी सड़क सिक्स लेन और 11 किमी. फोरलेन बनाई जानी है। लोगों की सुविधा के लिए बन रहा यह मार्ग फिलहाल राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन हुआ है।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और डायमंड कंपनी के ठेकेदार की सुस्त चाल से कार्य तय अवधि में पूरा नहीं हो पाया। ऐसे में अब भी मुख्य पुल पर चल रहे निर्माण कार्य की वजह से लोगों को आसपास के गांवों से होकर गुजरना पड़ रहा है। बड़े वाहनों के गुजरने के कारण बच्चों का घरों से निकलना दूभर हो रहा है। वहीं गलियां भी खस्ता हाल हो गईं हैं। इसके बावजूद न तो विभाग की ओर से सुध ली जा रही है न निर्माणदायी कंपनी की ओर से। जिसका खामियाजा लोगाें को भुगतना पड़ रहा है।
इस मार्ग पर 24 घंटे में औसतन 30 हजार वाहनों की आवाजाही है। पुल के कारण रास्ता बंद होने से मेरठ की ओर जाने वाले व करनाल की ओर आने वाले वाहन ग्रामीण रास्तों से गंतव्य तक पहुंचते हैं। ऐसे में शहर के अलावा करीब दो दर्जन से ज्यादा गांवों के लोगों को परेशानी हो रही है। हर वक्त हादसों का खतरा बना रहता है।
बढ़ रहा खर्च
मेरठ रोड स्थित शुगर मिल के पास मुख्य पुल पर कार्य चल रहा है, जिस कारण लोगों को आवागमन के लिए शेखपुरा-सुहाना समेत अन्य गांवों से गुजरना पड़ रहा है जो कि पांच से छह किमी लंबा पड़ता है। ऐसे में वाहन चालकों का समय और तेल अधिक खर्च होने से उनकी जेब ढीली हो रही है।
सड़क पर ही मिट्टी के ढेर
दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे से शुगर मिल तक सड़क पर ही ठेकेदार की ओर से मिट्टी के ढेर लगाए गए हैं, जिससे राहगीरों को परेशानी हो रही है। वहीं रात को ढेर दिखाई न देने से हादसों का भी अंदेशा रहता है।
ठेकेदार द्वारा काम में की जा रही लेटलतीफी का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। आवाजाही में राहगीरों को अधिक तेल और समय खर्च करना पड़ रहा है।
- राहुल
अधिकारियों ने ठेकेदार के भरोसे ही काम छोड़ दिया है, जिस कारण लोग निर्धारित समय सीमा खत्म होने के बाद भी सुविधा से वंचित हैं।
- साहिल
जिस हिसाब से कार्य चल रहा है, ऐसे में अभी कई महीने और सिक्स लेन की सुविधा के लिए राहगीरों को इंतजार करना पड़ेगा।
- सोनू
परियोजना में स्कोप ऑफ वर्क बढ़ गया था, जिस कारण कार्य अवधि बढ़ाने के लिए विभाग को लिखा गया था। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। जल्द लोगों को सिक्स लेन की सुविधा मिलेगी।
- अतुल, जेई लोक निर्माण विभाग