जिला नागरिक अस्पताल में बाहर की दवा लिख रहे चिकित्सक, फार्मासिस्ट कह रहे, बाहर से मिलेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल।
कहने के लिए नागरिक अस्पताल में दवा मुफ्त है लेकिन हकीकत इससे जुदा है। मरीजों का कहना है कि महंगी दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। चिकित्सक एक या दो ऐसी दवा लिखते हैं, जो अस्पताल में उपलब्ध ही नहीं है। पर्चे पर ऐसी दवा का नाम देखते ही डिस्पेंसरी के फार्मासिस्ट कहते हैं, ये आपको बाहर से मिलेगी। ऐसे में अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में खुले मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने पर मरीज मजबूर हैं।
शिव कालोनी से आए सुमेर चंद ने बताया कि वह पर्चा लेकर डिस्पेंसरी में गए। फार्मासिस्ट ने कहा कि ये दवाइयां यहां उपलब्ध नहीं है। आपको बाहर से लेनी पड़ेंगी। उन्होंने सवाल किया कि जब दवा मुफ्त है तो खरीदनी क्यों पड़ेगी ? इस पर फार्मासिस्ट ने कोई जवाब नहीं दिया।
नगला मेघा से आई शिब्बो रानी ने बताया कि वह इसी भरोसे पर सरकारी अस्पताल में आई थीं कि उपचार से लेकर दवा तक कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। यह देखकर हैरानी हुई कि डाक्टर ने पर्चे पर दवाई लिखते समय ही कह दिया कि ये बाहर से मिलेंगी।
घोघड़ीपुर से आई माया देवी ने बताया कि एक घंटे लाइन में लगने के बाद काउंटर तक पहुंची। फार्मासिस्ट ने पर्चा देखते ही कहा, ये दवाइयां डिस्पेंसरी में नहीं है। आप बाहर से खरीद लीजिए। उन्होंने कहा, अगर दवा बाहर से खरीदनी है तो यहां उपचार कराने का क्या फायदा ?। इस पर फार्मासिस्ट ने सिर्फ इशारा किया कि वहां से चली जाएं।
शिकायत करें मरीज
नागरिक अस्पताल से जनसंपर्क अधिकारी डॉ. दीपक गोयल का कहना है जिस भी मरीज के साथ इस तरह की कोई समस्या आती है, वह अपनी शिकायत प्रधान चिकित्सा अधिकारी के पास लिखित में दे सकता है। अगर कोई मरीज अपनी पहचान गाेपनीय रखना चाहता है तो शिकायत बॉक्स लगा है जिसमें वह अपनी शिकायत डाल सकता है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।